पलामू: शिक्षक फिल्म देखने में व्यस्त, सीनियर बच्चों के भरोसे चल रही थी कक्षा; छात्र का हाथ टूटने का आरोप
पलामू के एक स्कूल में 7 वर्षीय छात्र का हाथ सीनियर छात्रों की मारपीट से टूट गया, आरोप है कि ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड इमेज।
HighLights
सात वर्षीय छात्र का हाथ मारपीट में टूटा।
शिक्षक पर कक्षा से अनुपस्थित रहने का आरोप।
संवाद सूत्र, तरहसी (पलामू)। पलामू के मनातू प्रखंड अंतर्गत बंसी खुर्द पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय बंसी खुर्द में सात वर्षीय छात्र के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। स्वजनों का आरोप है कि विद्यालय में शिक्षक कक्षा से बाहर थे। सीनियर बच्चों के भरोसे कक्षा संचालित हो रही थी।
इसी दौरान गाना नहीं सुनाने पर सीनियर बच्चों ने छात्र के साथ मारपीट की। जिससे उसका हाथ टूट गया। घटना के बाद विद्यालय प्रबंधन की कार्यप्रणाली व बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पीड़ित छात्र राम कुमार पिता तुलसी भुइयां के अनुसार घटना के समय शिक्षक विद्यालय के कार्यालय में बैठे थे। सीनियर बच्चे कक्षा में पढ़ा रहे थे।
छात्र का आरोप है कि इसी दौरान उससे गाना सुनाने को कहा गया। गाना नहीं सुनाने पर उसके साथ मारपीट की गई। इसकी जानकारी विद्यालय के शिक्षकों को दी तो उसे डांटकर घर भेज दिया गया। घर पहुंचने पर छात्र ने स्वजनों को जानकारी दी।
स्वजन विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक धीरेंद्र रजक को घटना की जानकारी दी। इसके बाद छात्र का तरहसी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराया गया। उसे यहां से मेदिनीनगर सदर अस्पताल भेजा गया। वहां चिकित्सकों ने उपचार किया।
स्वजनों ने विद्यालय प्रबंधन पर घटना को दबाने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। इधर पांकी विधायक डॉ. कुशवाहा शशिभूषण मेहता के निर्देश पर रविवार को मनातू के विधायक प्रतिनिधि उदेश यादव पीड़ित छात्र,उसके स्वजनों व प्रभारी प्रधानाध्यापक धीरेंद्र रजक से मामले की जानकारी ली।
प्रभारी प्रधानाध्यापक ने किया आरोपों से इनकार
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक धीरेंद्र रजक ने छात्र के साथ मारपीट की घटना से साफ इनकार किया है। कहा कि विद्यालय में इस प्रकार की कोई घटना नहीं हुई है। छात्र को हल्की चोट लगी थी। इसका उपचार कराया गया है। उन्होंने शिक्षक का कार्यालय में बैठकर फिल्म देखने व सीनियर बच्चों के भरोसे कक्षा संचालित करने के आरोपों को निराधार बताया।
जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्ट: विधायक
पांकी विधायक डॉ. कुशवाहा शशिभूषण मेहता ने कहा कि मामले की जानकारी मिली तो अपने प्रतिनिधि को पीड़ित छात्र व उसके स्वजनों से मिलने के भेजा था। यदि जांच में शिक्षकों की लापरवाही या घटना को दबाने की पुष्टि होती है तो दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
