पांडू : प्रखंड के कुंडवा कला उत्क्रमित उर्दू मध्य विद्यालय में पिछले कई दिनों से प्रधानाध्यापक इसरार अहमद व प्रबंधन समिति के बीच चल रहा विवाद बुधवार को उग्र हो गया। इसे लेकर ग्रामीण व प्रबंधन समिति सदस्यों ने पूछताछ के लिए घंटों प्रधानाध्यापक को बंधक बनाए रखा। प्रबंधन समिति के आशिक अंसारी, ओसी अहमद आदि ने बताया कि प्रधानाध्यापक ने ड्रेस वितरण के बाद उस मद का 16 हजार 260 रूपया अपने पास रख लेने की बात कही थी। एसएमसी सदस्यों कई बार प्रधानाध्यापक को पैसा वापस करने को कहा। बावजूद प्रधानाध्यापक इसरार अहमद ने किसी की नहीं सुनी। अंत में समिति सदस्यों ने विभाग व बीडीओ को लिखित जानकारी दी। कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसे लेकर एक दिन बैठक हुई थी। इसमें सीआरपी महबूब अली, प्रबंधन समिति व ग्रामीणों के समक्ष प्रधानाध्यापक ने लिखित हस्ताक्षर के माध्यम से 12 सितंबर को पैसा समिति में देने को कहा था। बुधवार को समिति सदस्य व ग्रामीणों ने विद्यालय पहुंचकर इस संबंध में जानकारी प्राप्त करनी चाही तो मामला बिगड़ गया। प्रधानाध्यापक ने कहा कि पैसा बच्चों में बांट दिए हैं। समिति में कैसे जमा करें। इस पर ग्रामीण उग्र हो गए। प्रधानाध्यापक को बंधक बनाने के बाद मस्जिद के निकट लाए। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक फैसला नहीं होगा नहीं जाने देंगे। प्रधानाध्यापक ने इस तरह की गलती नहीं होने की बात कही। आपसी तालमेल से विद्यालय का संचालन होगा। चार दिनों के अंदर समिति में पैसा जमा होगा। इसके बाद ग्रामीणों ने उन्हें मुक्त किया। बाक्स..

डर से भाग गए थे तीन शिक्षक

पांडू : ग्रामीणों द्वारा प्रधानाध्यापक इसरार अहमद को बंधक बनाकर ले जाने के बाद की घटना से डरे सहमे विद्यालय के तीन शिक्षक से डर से भाग गए। तीनों शिक्षकों ने भागकर मामले की सूचना पांडू बीआरसी को दी। इधर इस तरह घटना से विद्यालय के शिक्षक दहशत में हैं। प्रधानाध्यापक के मुक्त होने के बाद विद्यालय पहुंची पांडू पुलिस ने मामले व पूरी घटना की जानकारी ली।

Posted By: Jagran