सतबरवा : सतबरवा प्रखंड क्षेत्र में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में प्रावधानों का पालन नहीं किया जा रहा है। प्रखंड की रबदा पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना की रिपोर्ट देखी जाए तो जीओ टैग के 275 दिन में आवास निर्माण पूरा नहीं सका है। इसे लाभुक की मनमानी कहें या फिर पदाधिकारियों की लापरवाही, रबदा पंचायत की ठेमी निवासी गीता कुंअर, पिता नवलकिशोर पाठक जो हरिजन कटेगरी में दर्ज है, और गीता कुवंर के नाम से एसइसीसी डाटा में दर्ज है जिसका आवास कोड जेएच 1143903 है। सत्र 2017-2018 के तहत पहला 10 दिसंबर 2017 को जीओ टैग किया जाता है, दूसरा 2 जनवरी 2018, पी¨लथ का तीसरा 26 जून 2018 को ऑनलाइन अपलोड किया जाता है। दो सौ 74 दिन गुजर जाने के बाद भी आवास निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ।

क्या है तकनीकी समस्या

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जहां लाभुक निवास करते हैं वहां की पहली तस्वीर अपलोड, दूसरा जहां आवास निर्माण करना हो वहां की होनी चाहिए। पर सत्र 2017-2018 के तहत पहला 10 दिसंबर 2017 को जीओ टैग किया गया है। 22 दिन बाद जहां आवास बनाना है उस स्थल का जीओ टैग किया जाता है। पर उक्त आवास चयनित स्थत से लगभग दो किलोमीटर दूर पहाड़-जंगली क्षेत्र में बनाया जा रहा है। क्या कहना है स्वयंसेवक का स्वयंसेवक मो सरवर अंसारी ने बताया कि लाभुक के खाते में जीओ टैग के बाद 26 हजार रुपया रिलीज हो गया था। इसके बाद लाभुक मनमानी करने लगे। काफी मशक्कत के बाद आवास बनाने को तैयार हुए। पदाधिकारियों का प्रेशर ज्यादा था। किसी तरह लाभूक को समझा बुझाकर आवास बनवा रहे हैं। सच्चाई है कि जिस स्थल पर जीओ टैग किया गया है, उस स्थल पर पीएम आवास नहीं बन रहा है। कोट::::::: - इस बारे में कोई सूचना नहीं है। पता करते हैं कि क्या मामला है।

-उज्जवल सोरेन, प्रखंड विकास पदाधिकारी, सतबरवा।

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