लीड----------

60 प्रतिशत पैक्स से और 40 प्रतिशत निजी खुदरा दुकानदारों से खाद बेचने का है प्रावधान, किसान परेशान फोटो 15 डालपी 12

कैप्शन: हरिहरगंज में धान की रोपनी करती महिलाएं संवाद सहयोगी, मेदिनीनगर (पलामू) : जिले में एक ओर जहां किसान खेतों में उतर कर खेती की तैयारियों में जुट गया है, वहीं खाद का कृत्रिम अभाव उत्पन्न करने में कई निजी विक्रेताओं सहित अन्य एजेंसियां सक्रिय हो गई है। पहले ही से धान की बिक्री नहीं होने से परेशान किसान अब खुले बाजार से अधिक मूल्यों पर यूरिया लेने की विवश हैं। बता दें कि सरकारी निर्देश के आलोक में जिले को कुल आवंटन का 60 प्रतिशत पैक्स व 40 प्रतिशत निजी खुदरा दुकानदारों से इफ्को खाद की बिक्री का प्रावधान निर्धारित है। अब यहां जिला कृषि विभाग द्वारा निजी व पैक्सों को खाद लाईसेंस निर्गत करने की जिम्मेदारी है। जानकारी के अनुसार विभाग द्वारा निजी दुकानदारों को लाईसेंस तो जारी कर दिए गए, लेकिन पैक्सों के लाईसेंस का नवीकरण नहीं किया जा रहा है। विभाग द्वारा नियमों का हवाला देकर नए सिरे से लाईसेंस देने की बात कही जा रही है। इधर, पैक्स अध्यक्षों ने विभाग की इस कार्रवाई को सीधे तौर पर निजी क्षेत्रों को लाभ पहुंचाने वाला बताया है। इनकी माने तो लाईसेंस जारी करने में अनावश्यक विलंब किए जा रहे है। तब तक खेतों में खाद डालने का समय हो जाएगा ओर किसान निर्धारित से अधिक मूल्यों पर खाद खरीदने को विवश हो जाएंगे। अब इफ्को भी पैक्सों को खाद का आवंटन निर्धारित नहीं किए जाने पर निजी क्षेत्रों को खाद बेचने को विवश हो जाएगा। पहले बीज व अब खाद भी खुले बाजार से लेने पड़ जाएंगे।

वहीं जिला कृषि पदाधिकारी अरूण कुमार ने बैठक में होने का हवाला देकर लाइसेंस निर्गत करने की जानकारी बताने को टाल दिया। बताया कि कार्यालय पहुंचने के बाद ही पूरी दे सकेंगे। बाक्स:

जिले को पिछले अप्रैल माह से अब तक 1350 टन यूरिया का आवंटन मिला है, जिसे कि जिला कृषि विभाग से दिए गए आवंटन के आधार पर लाईसेंस धारकों को उपलब्ध कराया जा रहा है। चैनपुर के कुछ पैक्सों को भी इफ्को खाद के आवंटन दिए गए है।

दिवाकर, प्रबंधक, इफ्को पलामू बाक्स:

लाइसेंस नवीकरण के लिए पहले ही निर्धारित शुल्क का चालान विभाग को जमा किया जा चुका है। बावजूद इसके कृषि विभाग उदासीन बना हुआ है। वहीं निजी दुकानदारों को लाईसेंस देने में विभाग की सक्रिय रहता है। पैक्स द्वारा निर्धारित दर 268 रूपये प्रति बोरा खाद की बिक्री की जाती है। लेकिन अगर पैक्सों का लाइसेंस नहीं निर्गत किए गए तो किसान खुले बाजार कालाबाजारी में खाद खरीदने को मजबूर हो जाएंगे।

अभय कुमार सिंह, अररूआ कला पैक्स, हरिहरगंज। बाक्स: निजी दुकानदारों को लाभ पहुंचाने के लिए पैक्सों की उपेक्षा की जा रही है। इसे सहन नहीं किया जाएगा। जिले के सभी पैक्स पदाधिकारी शीघ्र ही उपायुक्त से मिलकर वास्तविक जानकारी साझा करेंगे। चैनपुर में पैक्सों को इफ्को द्वारा अभी तक खाद आवंटित नहीं किया गया है।

बृजराज मिश्रा

तलेया बंभडी पैक्स, चैनपुर

Edited By: Jagran