पलामू, जागरण संवाददाता। बिहार और झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त कार्रवाई में पकड़ा गया विनय यादव उर्फ मुराद उर्फ गुरु जी भाकपा माओवादी संगठन का अत्यन्त महत्वपूर्ण उग्रवादी था। प्रतिबंधित संगठन भाकपा माओवादी में इसका ओहदा रीजनल कमिटी सदस्य और प्रमुख थिंक टैंक का था। यह जानकारी पलामू एसपी चंदन कुमार सिन्हा ने दी है। इस पर बिहार सरकार ने तीन तो झारखंड सरकार ने 15 लाख इनाम घोषित कर रखा था।

झारखंड में दबिश के बाद बिहार में था सक्रिय 

विनय का मूल कार्यक्षेत्र पलामू जिला, औरंगाबाद और गया जिला रहा है। पलामू जिले के हरिहरगंज, नौडीहा बाजार, पाटन, छतरपुर, विश्रामपुर आदि थाना क्षेत्रों में इनके द्वारा कई घटनाएं की गई है। बाद में झारखंड पुलिस के द्वारा माओवादियों पर प्रभावी कार्रवाई होने से वह भाग कर औरंगाबाद और गया के क्षेत्र में अपना आधार बना लिया था। कुख्यात संदीप यादव के मारे जाने के बाद संगठन की गतिविधियों को इसके द्वारा ही संचालित की जा रही थी।

शुक्रवार को उसके दो अन्य सहयोगियों के साथ जेल भेज दिया गया। झारखंड पुलिस की एसआइबी विगत कई माह से इसके गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। काफी सटीक सूचना मिलने पर पलामू और औरंगाबाद पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया। इसके विरुद्ध दोनों राज्यों कुल 61 मामले दर्ज है। इसमें विश्रामपुर थाना क्षेत्र अन्तर्गत छोटकी कोडिया ग्राम के 9 अगस्त 2014 को 12 टीपीसी उग्रवादियों की हत्या कर उनका हथियार लूट लिया गया था।

छतरपुर और नौडीहा थाना प्रभारी को मिला 20-20 हजार का नकद रिवार्ड 

बिहार और झारखंड का दुर्दांत माओवादी विनय यादव की गिरफ्तारी में पलामू जिले के छतरपुर व नौडीहा बाजार थाना प्रभारी की अहम भूमिका रही थी। इसे लेकर शुक्रवार को औरंगाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में छतरपुर थाना प्रभारी शेखर कुमार व नौडीहा बाजार थाना प्रभारी अमित प्रसाद यादव को औरंगाबाद एसपी कांतेश कुमार मिश्र व पलामू एसपी चंदन कुमार सिन्हा ने दोनों पुलिस अधिकारियों को नकद रिवार्ड प्रदान किए।

Edited By: Umesh Kumar