संवाद सहयोगी, मेदिनीनगर: जिले में महात्मा गांधी नरेगा दंडनात्मक व सुधारात्मक कार्रवाई के लिए पंचायत स्तर पर आयोजित जन सुनवाईओं पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती है। इसका खुलासा बुधवार को स्थानीय नगर भवन में आयोजित जिला स्तरीय जनसुवाई के दौरान हुआ। इसमें कई पंचायत प्रतिनिधियों ने जनसुवाई पर ज्यूरी की रिर्पोट पर कोई कार्रवाई नहीं किए जाने का मामला उठाया। अधिकांश बीडीओ ने पंचायत स्तर पर की गई कार्रवाई की प्रति नहीं मिलने या आज ही प्राप्त होने की बात कह अपना पल्ला झाड़ने की कोशिश की। लेकिन जनप्रतिनिधियों के सामने उनकी एक नहीं चली। बताया कि पंचायत स्तर पर लिए गए एक्शन टेकन रिपोर्ट पर जिला में सुनवाई नहीं की जा रही है। शुरुआती दौर में डीडीसी बिदु माधव सिंह ने स्थिति को संभालने का प्रयास जरूर किया। बावजूद इसके लोग कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। बाद में जिले के उपायुक्त डा. शांतनु कुमार अग्रहरि ने संबंधित बीडीओ पर मनरेगा प्रावधानों के तहत कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। इसके तहत साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करने व कार्य पूर्ण नहीं किए जाने पर कार्रवाई नहीं किए जाने पर हुसैनाबाद व छतरपुर के बीडीओ व दोनों प्रखंड के बीपीओ के विरूद्ध मनरेगा प्रावधानों के अनुरूप अर्थदंड लगाया गया। डीसी ने कहा कि मनरेगा सरकार की एक अति महत्वकांक्षी योजना है। इसके माध्यम से मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जाता है। योजना में किसी भी तरह की गड़बड़ी ना हो इसके लिए पंचायत स्तर पर जनसुवाई के माध्यम से अंकेक्षण का प्रावधान किया गया है। जिला स्तरीय जनसुनवाई में वर्ष 2016-17 में कैंलेडर आडिट के तहत 136 पंचायत व विशेष आडिट के तहत 147 पंचायतों की जनसुवाई की जानी थी। इसमें मात्र 47 मामलों की सुनवाई की गई। डीसी ने जनसुवाई में उपस्थित सदर बीडीओ के एक दिन का वेतन काटने जाने का निर्देश दिया। जनसुवाई में मनरेगा लोकपाल डा. मुरारी झा, जिला परिषद अध्यक्ष प्रभा देवी, उपाध्यक्ष संजय सिंह, मुखिया संघ के अध्यक्ष उदय सिंह, स्टेट रिसोर्स पर्सन राबर्ट एंथोनी, मिथिलेश कुमार, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सुनील कुमार सहित कई बीडीओ, बीपीओ, मुखिया, रोजगार सेवक व अन्य उपस्थित थे। अब जिला स्तर पर नहीं सुने गए मामलों को राज्य स्तर पर आयोजित जनसुवाई में रखा जाएगा।

Posted By: Jagran

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