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अब कोई बच्चा स्कूल से नहीं रहेगा दूर, पलामू की 5 पंचायतें बनेंगी जीरो ड्रॉपआउट; 30 दिन गैरहाजिरी पर भी नजर

Published: Sat, 12 Sep 2026 10:17 AM (IST)

झारखंड के पलामू सहित सभी जिलों में 'जीरो ड्रॉपआउट पंचायत' बनाने की तैयारी चल रही है, जिसके तहत 6 से ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड इमेज।

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जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर (पलामू)। पलामू जिले समेत झारखंड की पांच पंचायतों को प्रथम चरण में जीरो ड्रॉपआउट पंचायत बनाने की तैयारी है। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी जिलों में पांच-पांच पंचायतों को चिह्नित कर वहां 6 से 18 आयु वर्ग के सभी बच्चों का विद्यालय में नामांकन और उनका ठहराव सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।

इसके बाद दूसरे चरण में प्रत्येक प्रखंड की पांच-पांच और तीसरे चरण में 10-10 पंचायतों को जीरो ड्रॉपआउट बनाने का लक्ष्य रखा गया है। जीरो ड्रॉपआउट पंचायत के अंतर्गत आने वाले सभी गांव और टोलों के बच्चों को विद्यालय से जोड़ना होगा।

पंचायत के पोषक क्षेत्र में आने वाले प्राथमिक, माध्यमिक और प्लस टू विद्यालयों में सभी चिह्नित बच्चों का नामांकन अनिवार्य होगा। कोई भी बच्चा अनामांकित या विद्यालय से ड्रॉपआउट नहीं रहना चाहिए।

80 प्रतिशत उपस्थिति वाले बच्चे कहलाएंगे नियमित

निर्देश के अनुसार, 6 से 18 आयु वर्ग के जो बच्चे किसी माह में विद्यालय के कुल कार्य दिवस में 80 से 100 प्रतिशत उपस्थित रहते हैं, उन्हें नियमित माना जाएगा। 80 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले बच्चे अनियमित माने जाएंगे। ऐसे बच्चों पर विशेष ध्यान देकर उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी।

30 दिन लगातार अनुपस्थित रहने पर ड्रॉपआउट

विद्यालय दिवस में लगातार 30 दिनों तक अनुपस्थित रहने वाले बच्चे को ड्रॉपआउट (छीजित) माना जाएगा। ऐसे बच्चों को दोबारा विद्यालय से जोड़ने और उनकी पढ़ाई जारी रखने के लिए विद्यालय स्तर से विशेष प्रयास किए जाएंगे।

स्कूल गेट पर फहरेगा नीला झंडा

जीरो ड्रॉपआउट घोषित विद्यालय के मुख्य गेट पर नीले रंग का झंडा फहराया जाएगा। यह झंडा तब तक लगा रहेगा, जब तक विद्यालय के पोषक क्षेत्र में आने वाले सभी बच्चे विद्यालय में नामांकित और नियमित नहीं हो जाते। पोषक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले टोले-हैबिटेशन को भी जीरो ड्रॉपआउट हैबिटेशन के रूप में चिह्नित किया जाएगा।

डीसी जारी करेंगे पंचायत का प्रमाणपत्र

जीरो ड्रॉपआउट पंचायत का प्रमाणपत्र उपायुक्त (डीसी) स्तर से जारी किया जाएगा, जबकि जीरो ड्रापआउट विद्यालय के संबंध में प्रमाणपत्र मुखिया स्तर से जारी किया जाएगा। अभियान को सफल बनाने के लिए विद्यालय, मुखिया, जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) और डीसी स्तर पर विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसका उद्देश्य पंचायत के प्रत्येक बच्चे को स्कूल से जोड़कर उसकी पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखना है।

पलामू जिले में प्रखंडवार और पंचायतवार आउट ऑफ स्कूल बच्चों का आंकड़ा तैयार किया गया है। इसके आधार पर चरणवार पंचायतों का चयन किया जाएगा और बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

-अंबुजा पांडेय, एडीपीओ, समग्र शिक्षा अभियान

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