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झारखंड: हुसैनाबाद थानेदार का डांस वीडियो वायरल, थाना परिसर में गणतंत्र दिवस पर पत्नी संग ठुमके

Published: Wed, 28 Jan 2026 12:57 PM (IST)

Jharkhand News: हुसैनाबाद थाने के इंस्पेक्टर सोनू चौधरी का गणतंत्र दिवस पर पत्नी संग वर्दी में डांस करते हुए वीडियो ...और पढ़ें

HighLights

  1. थाना प्रभारी सोनू चौधरी कर रहे वर्दी में कपल डांस।

  2. पुलिस अनुशासन उल्लंघन पर विभागीय जांच शुरू।

संवाद सूत्र, हुसैनाबाद (पलामू)। गणतंत्र दिवस के अवसर पर पुलिस थाने के परिसर में वर्दी पहनकर पत्नी के साथ डांस करते हुए वीडियो बनाने का मामला इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। इस पर विभागीय जांच शुरू हो गई है।

यह घटना पलामू जिले के हुसैनाबाद थाना से जुड़ी है, जहां थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सोनू चौधरी अपनी पत्नी के साथ बॉर्डर फिल्म के गाने पर थिरकते नजर आए। 

वीडियो में थाना प्रभारी पुलिस की पूरी यूनिफॉर्म में दिख रहे हैं। एक हिस्से में वे अपनी पत्नी को पुलिस की टोपी पहनाते भी नजर आ रहे हैं।

थाना परिसर के भीतर म्यूजिक पर दोनों के डांस करने का यह वीडियो गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय और गरिमामय मौके पर सामने आने के कारण पुलिस की मर्यादा और वर्दी की इज्जत को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।

वीडियो इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट होते ही तेजी से फैल गया। कई यूजर्स ने इसे शेयर करते हुए पुलिस अनुशासन पर टिप्पणी की। कुछ ने इसे हल्के में लिया और कहा कि पुलिसकर्मी भी इंसान हैं, खुशी मनाने में क्या बुराई है।

जबकि अधिकांश ने इसे अनुशासनहीनता करार दिया। एक ने लिखा - "गणतंत्र दिवस पर थाने में डांस? वर्दी की इज्जत का क्या?"

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए उच्च पुलिस अधिकारियों ने संज्ञान लिया। हुसैनाबाद के एसडीपीओ मोहम्मद याकूब (आईपीएस) के नेतृत्व में विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

जांच में यह देखा जाएगा कि क्या थाना परिसर में वर्दी पहनकर रील या डांस बनाना पुलिस नियमों का उल्लंघन है। पलामू एसपी रीष्मा रमेशन ने कहा कि मामला गंभीर है।

जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की वर्दी और सरकारी परिसरों में अनुशासन का पालन अनिवार्य है और इसकी कोई ढील नहीं बरती जाएगी।

पुलिस मैनुअल और सेवा नियमों के अनुसार, वर्दी पहनकर व्यक्तिगत मनोरंजन या सोशल मीडिया कंटेंट बनाना आमतौर पर प्रतिबंधित माना जाता है, खासकर सरकारी परिसर में। गणतंत्र दिवस जैसे अवसर पर यह और भी गंभीर माना जाता है, क्योंकि वर्दी राष्ट्रीय प्रतीक से जुड़ी होती है। 

यह घटना पुलिस विभाग में सोशल मीडिया के इस्तेमाल और अनुशासन को लेकर फिर से बहस छेड़ रही है। जांच के नतीजे आने के बाद आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।