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पलामू में खनन हादसा: बिना घेराबंदी वाले गड्ढे में डूबा युवक, दमदमी माइंस संचालक समेत 3 पर मुकदमा

Published: Sun, 07 Jun 2026 02:40 PM (IST)

पलामू के दमदमी खनन क्षेत्र में एक युवक की जलभराव वाले गड्ढे में डूबने से मौत के बाद, खनन संचालक ...और पढ़ें

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संवाद सूत्र, जपला (पलामू)। हुसैनाबाद थाना क्षेत्र के दमदमी खनन क्षेत्र में बने जलभरावयुक्त गहरे गड्ढे में डूबकर 24 वर्षीय युवक लवकुश कुमार की मौत के मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया है। प्रशासनिक जांच के बाद माइंस संचालक समेत तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

आरोप है कि खनन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की गई, जिसके कारण एक युवा की जान चली गई। अंचल अधिकारी पंकज कुमार के आवेदन पर हुसैनाबाद थाना में कांड संख्या 125/2026 दर्ज किया गया है।

मामले में दमदमी माइंस से जुड़े सुनील कुमार सिंह, लोकेश कुमार सिंह तथा एक अन्य जिम्मेदार व्यक्ति को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106, 125 एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जांच में सामने आई सुरक्षा चूक

प्राथमिकी के अनुसार, खनन कार्य के बाद बने गहरे गड्ढों को सुरक्षित नहीं किया गया था। न तो वहां पर्याप्त घेराबंदी थी और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे। आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए भी कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई थी। प्रशासनिक जांच में पाया गया कि जिस स्थान पर लवकुश कुमार डूबे, वह खनन गतिविधियों के कारण बना गहरा जलभरावयुक्त गड्ढा था।

जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि खनन पट्टा धारकों और संचालकों की जिम्मेदारी होती है कि ऐसे खतरनाक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करें, ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो। लेकिन कथित लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।

3 जून को हुई थी घटना

गौरतलब है कि 3 जून को सोहेया पहाड़ स्थित खनन क्षेत्र में बने गहरे गड्ढे में डूबने से लवकुश कुमार की मौत हो गई थी। घटना के बाद क्षेत्र में लोगों का आक्रोश फूट पड़ा था। ग्रामीणों और परिजनों ने खनन कंपनी की लापरवाही को हादसे का जिम्मेदार बताते हुए मुआवजा और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की थी।

जांच पर टिकी आगे की कार्रवाई

पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बड़ा सवाल

पलामू समेत राज्य के कई खनन क्षेत्रों में खनन के बाद बने गहरे जलभरावयुक्त गड्ढे आज भी खुले पड़े हैं। सुरक्षा घेराबंदी और चेतावनी संकेतों के अभाव में ये स्थान लगातार हादसों को न्योता दे रहे हैं।

लवकुश की मौत ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर खनन कंपनियां और संबंधित विभाग सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर कितने गंभीर हैं? यदि समय रहते सुरक्षा उपाय किए गए होते, तो शायद एक युवा की जान बचाई जा सकती थी।

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