पाकुड़ : जल संचयन संवर्धन को लेकर मंगलवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी रोशन कुमार साह ने अपने कार्यालय कक्ष में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बीडीओ ने कहा कि पिछले कुछ सालों में भूमिगत जल का जबर्दस्त दोहन हुआ है। इसकी वजह से भूमिगत जल का स्तर बहुत नीचे चला गया है। परिणाम स्वरूप बहुत से तालाब, कुएं एवं बोरवेल सूख गए हैं। जलस्तर कैसे ऊपर लाना है इसके लिए ग्राम स्तर पर योजना बनाकर काम करने की आवश्यकता है। ग्रामस्तर पर सभी जल निकायों की मरम्मत एवं नवीनीकरण कर पानी के संचयन के लिए लोगों में जागरूकता लाने की आवश्यता है। इस काम को स्वच्छ भारत मिशन की तरह तवज्जो देते हुए मिशन मोड में करने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि वर्षा का मात्र पांच फीसद जल जमीन में जा पाता है। 95 फीसद पानी नदियों एवं नालों में बहते हुए समुद्र में मिलकर बर्बाद हो जाता है। इसके लिए हमें जल संचयन को गंभीरता से लेना होगा। जल संचयन को सदर प्रखंड के सभी पंचायतों में एक से सात जुलाई तक जल संचयन से संबंधित योजना का चयन कर कार्य शुरु करना है। उन्होंने बताया कि जलस्तर को ऊपर उठाने के लिए आत्मा, जेएसएलपीपीएस, भूमि संरक्षण, मनरेगा संबंधित विभागों से संबंधित योजना का प्रतिवेदन कर योजना शुरू करने के लिए कहा गया है। योजना का सफल संचालन हेतु प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार को नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया। बैठक में विभिन्न विभागों के पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।

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