फोटो फाइल संख्या 10 पीकेआर 20

-पुलिस अधीक्षक ने लगाया था होमगार्ड बहाली में अनियमितता बरतने का आरोप

-डीडीसी ने आरोपों की जांच के लिए बनाई दो सदस्यी टीम

जागरण संवाददाता, पाकुड़ : होमगार्ड बहाली में अनियमितता बरते जाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन व जिला प्रशासन आमने-सामने आ गई है। पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र प्रसाद वर्णवाल ने आरोप लगाया था कि बहाली प्रक्रिया में काफी अनियमितता बरती गई है। एसपी ने अनियमितता बरते जाने से संबंधित पत्र उपायुक्त को भेजा था। डीडीसी रामनिवास यादव ने पुलिस अधीक्षक के आरोपों की जांच के लिए दो सदस्यी टीम का गठन कर दिया है। टीम में आइटीडीए निदेशक हीरालाल मंडल व स्थापना उप समाहर्ता राजीव रंजन को रखा गया है। दोनों अधिकारी शीघ्र ही डीडीसी को जांच रिपोर्ट सौंपेंगे।

बताते चलें कि शहर के रानी ज्योर्तिमय स्टेडियम में 27 अक्टूबर से होमगार्ड बहाली प्रक्रिया की शुरुआत हुई थी। पुलिस अधीक्षक ने बहाली के दौरान मास्टरचार्ट में पेंसिल से कॉलम भरने का मामला पकड़ा था। इसके बाद एसपी ने मनोनीत अध्यक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए। उपायुक्त को पत्र भी लिखा। पत्र में कहा गया था कि होमगार्ड बहाली में शामिल हुए कई अभ्यर्थियों ने एसपी से बहाली प्रक्रिया में अनियमितता बरतने की लिखित व मौखिक शिकायत की है। डीडीसी के अनुसार नियमावली में स्पष्ट है कि अभ्यर्थी अपनी किसी प्रकार की शिकायत मैदान में ही कर सकते हैं। कुछ अभ्यर्थियों ने शिकायत भी की थी, जिसका समाधान तुरंत कर दिया गया था। एक अभ्यर्थी ने शिकायत किया था कि वह दौड़ में सफल हुआ है। शिकायतकर्ता को दौड़ का वीडियो दिखाया गया। वीडियो में स्पष्ट है कि अभ्यर्थी निर्धारित समय तक दौड़ पूरा नहीं कर सका। वहीं एक महिला अभ्यर्थी ने भी शिकायत की थी कि वह नियमानुसार कूद नहीं सकी। महिला अभ्यर्थी ने स्वयं स्वीकार किया है कि वह नियमानुसार नहीं कूद सकी तो उसकी शिकायत बिल्कुल गलत है। डीडीसी ने कहा कि एसपी ने आरोप लगाया है कि मास्टरचार्ट में प्रतिदिन मनोनीत अध्यक्ष व सदस्यों का हस्ताक्षर नहीं हुआ है। लेकिन यह समझ से परे है कि बहाली प्रक्रिया में पुलिस अधीक्षक स्वयं सदस्य हैं तो फिर उन्होंने मास्टरचार्ट में हस्ताक्षर क्यों नहीं किया? ---------------------------------------------------------------------- ड्राइ¨वग लाइसेंसधारी को भी डीटीओ ने कर दिया था फेल बहाली प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को वाहन चलाने से संबंधित परीक्षा देना था, इसमें 15 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा लेने के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी रवीन्द्र चौधरी को नियुक्त किया गया था। परीक्षा में शामिल होने वाले सभी अभ्यर्थियों के पास ड्राइ¨वग लाइसेंस भी मौजूद था। जिला परिवहन पदाधिकारी ने सबसे पहले अभ्यर्थियों से मौखिक सवाल पूछा। सवाल का सही जबाव नहीं मिलने पर जिला परिवहन पदाधिकारी ने अभ्यर्थियों को फेल घोषित कर दिया। इसे डीडीसी ने गंभीरता से लिया। डीडीसी की पहल पर डीटीओ ने पुन: अभ्यर्थियों की परीक्षा ली। इसमें तीन अभ्यर्थी सफल हुए। इस पर डीडीसी ने डीटीओ को फटकार लगाते हुए कहा कि अभ्यर्थियों का पहले तकनीकी दक्षता का परीक्षा लेना था, इसके बाद मौखिक परीक्षा लेना था। दूसरी ओर परिवहन विभाग ड्राइ¨वग लाइसेंस जारी करता है, वहीं विभाग के पदाधिकारी ड्राइ¨वग लाइसेंसधारी को फेल कर देते हैं। यह चर्चा का विषय बना हुआ है। -----------------------------------------------------------------------

अभ्यर्थी तीन दिनों तक कर सकते हैं आपत्ति डीडीसी सह बहाली प्रक्रिया के मनोनीत अध्यक्ष रामनिवास यादव ने कहा कि अभ्यर्थी तीन दिनों तक लिखित आपत्ति कर सकते हैं। इसके बाद 14 नवंबर की रात मेधा सूची जारी कर दिया जाएगा। अभ्यर्थी होमगार्ड कार्यालय या डीडीसी के आवासीय कार्यालय में लिखित शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा मेल व डाक से भी लिखित आपत्ति कर सकते हैं। त्रुटि मिलने पर पुन: जांच की जाएगी।

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अधर में लटक सकता है सफल अभ्यर्थियों का भविष्य होमगार्ड बहाली में अनियमितता बरते जाने का मामला सामने आने के बाद सफल अभ्यर्थियों में ¨चता है। पुलिस अधीक्षक ने अनियमितता पकड़ी थी। एसपी ने उपायुक्त को पत्र लिखकर बहाली प्रक्रिया को रद कर फिर से होमगार्ड बहाली शुरु करने की बात कही है। अगर बहाली रद हुई तो सफल अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में लटक सकता है। मालूम हो कि जिले में होमगार्ड के 378 पद रिक्त हैं। इसमें 320 ग्रामीण तथा 58 शहरी इलाके की रिक्तियां हैं। शहर के आरजे स्टेडियम में सदर प्रखंड सहित अमड़ापाड़ा, लिट्टीपाड़ा के दूर-दराज गांवों से अभ्यर्थी होमगार्ड बहाली में शामिल होने आए थे। बहाली रद्द हुई तो योग्य अभ्यर्थियों का मनोबल टूट जाएगा।

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किस प्रखंड में कितना होना था बहाली प्रखंड का नाम रिक्तियां पुरुष महिला

अमड़ापाड़ा 45 23 22

हिरणपुर 53 27 26

महेशपुर 44 22 22

पाकुड़िया 82 41 41

लिट्टीपाड़ा 49 25 24

पाकुड़ ग्रामीण 47 24 23

पाकुड़ शहरी 58 29 29 --------------------------------------------------------------------------- समय पर मिलेगा सबूत : एसपी फोटो फाइल संख्या 10 पीकेआर 21 में

पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र प्रसाद वर्णवाल ने कहा कि बहाली प्रक्रिया में अनियमितता बरती गई है। उपायुक्त को पत्र भी लिखा गया है लेकिन अभी तक कोई जबाव नहीं आया है। समय पर अनियमितता का सबूत भी दिया जाएगा। नियमानुसार मास्टरचार्ट में कलम से कॉलम को भरना है। जबकि मनोनीत अध्यक्ष ने पैं¨सल से कॉलम को भरा है। जो गलत है। बहाली से संबंधित दस्तावेज भी गलत तरीके से रखा गया था। इस मामले की जांच के लिए दो सदस्यी टीम का गठन किया गया है। परंतु टीम में पुलिस अधिकारियों को नहीं रखा गया है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होना चाहिए।

Posted By: Jagran

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