संवाद सहयोगी, पाकुड़ : शहर के शिव शीतला मंदिर परिसर में शुक्रवार को गजानन गणेश भगवन का तीन दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रों से बनारस से आए विद्वान पुरोहितों ने गणेश भगवान की प्रतिमा का प्राण प्रतिष्ठा किया। वही प्राण-प्रतिष्ठा के पूर्व गाजे-बाजे के साथ शीतला मंदिर से कलशयात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में गणपति बप्पा मोरया के जय-जयकारों से आसपास का पूरा इलाका भक्तिमय हो गया। शोभायात्रा में महिला, पुरुष युवा भक्त श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। गणेश भगवान की प्रतिमा स्थापना को लेकर बनारस से आए विद्वान पुरोहितों ने कलश पूजन, वास्तु, मंडप पूजन के बाद अग्निमंथन कर पूजा मंडप में यजमान अनिल गोयल व पुरोहितों ने पूजा किया। विद्वान पंडितों के वैदिक मंत्रों से आसपास का सारा इलाका गुंजायमान रहा। गजानन की प्रतिमा का वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ जलाधिवास, अन्नाधिवास, घृताधिवास, शैय्याधीवास और नगर भ्रमण के साथ पूजा-अर्चना किया गया। अंतिम दिन शुक्रवार को मूर्ति न्यास, गणेश भगवान के प्रतिमा का प्राण-प्रतिष्ठा के साथ हवन, पूर्णाहुति, महाआरती का आयोजन किया गया। भगवान को 56 प्रकार भोग अर्पित किया गया। इसके बाद महाआरती कर भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया। साथ ही भंडारा का आयोजन भी हुआ। इसके अलावा शीतला मंदिर परिसर में स्थापित बजरंग बली, माता पार्वती तथा राम-सीता प्रतिमा व मंदिर का जीर्णोद्धार किया गया। इसके साथ ही मंदिर अब भव्य दिखने लगा है। इस प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को सफल बनाने में अनिल गोयल, घनश्याम गोयल, विनोद टिवड़ीवाल, जुगल किशोर अग्रवाल, प्रदीप टिवड़ीवाल, नन्दू टिवड़ीवाल, पंडित रिकू मिश्रा, प्रदीप टिवड़ीवाल, संजू टिवड़ीवाल, रितेश टिवड़ीवाल आदि ने सक्रिय भूमिका निभाई।

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