-कृषि विज्ञान केंद्र में हुआ उर्वरक उपयोग जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन -देशभर में मिट्टी की उर्वरा शक्ति को रोकने का आग्रह संवाद सूत्र, महेशपुर (पाकुड़) : कृषि विज्ञान केंद्र में मंगलवार को उर्वरक उपयोग जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। खेतों में मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाएं रखने के लिए किसानों को जागरुक किया गया। देशभर में उर्वरा शक्ति घटने पर चिता जाहिर की गई। किसानों से अपील की गई कि खेतों की उर्वरा शक्ति हर हाल में बनाएं रखें। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान डा. श्रीकांत सिंह ने बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मंगलवार को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली में उर्वरक उपयोग जागरुकता कार्यक्रम का शुरुआत की। कृषि विज्ञान केंद्र में किसानों को सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। वैज्ञानिकों ने असंतुलित उर्वरक उपयोग के दुष्प्रभाव, फसलों में आवश्यक, प्राथमिक व सूक्ष्म पोषक तत्वों की मात्रा, विभिन्न प्रकार के विशिष्ट उर्वरक, तरल उर्वरक, जीवाणु उर्वरक की जानकारी दी। प्रशिक्षण के बाद किसानों को क्षेत्र भ्रमण एवं मिट्टी जांच प्रयोगशाला का भी भ्रमण कराया गया। इस मौके पर प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी सह कृषि निरीक्षक पंचानन साहू, कृषि वैज्ञानिक डा. एके द्विवेदी, डा. विनोद कुमार, उर्वरक कंपनी पीपीएल के अधिकारी नित्य निरंजन कुमार, जनसेवक एसके दास, राजेश हांसदा, सिराजुद्दीन अंसारी के अलावा काफी संख्या में उर्वरक विक्रेता व किसान उपस्थित थे।

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