पाकुड़ : नए एससी-एसटी एक्ट में संशोधन का विरोध करते हुए अनारक्षित समाज के लोगों ने रविवार को पाकुड़ शहर में जुलूस निकाला। मौन जुलूस की शुरुआत शहर के पुराने टाउन हॉल वीरकुंवर ¨सह भवन से हुई। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। जुलूस में शामिल लोग अपने मुंह पर काली पट्टी बांधे हुए थे। जुलूस आंबेडकर चौक, हाटपाड़ा, बिरसा चौक भगतपाड़ा होते हुए रवींद्र चौक पहुंच कर संपन्न हुआ । जुलूस का नेतृत्व कॉलेज के प्रोफेसर कृपाशंकर अवस्थी ने किया।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने वोट बैंक की राजनीति के तहत सर्वोच्च न्यायलय के निर्णय को बदल दिया है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय बहुत सोच समझ कर वस्तु स्थिति के आधार पर लिए जाते है। संसद के निर्णय वोट बैंक को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं। सबसे आश्चर्य है कि संसद में एक ही पक्ष में बोलने वाले लोग देखे गए। दूसरे पक्ष में एक भी शब्द सामने नहीं आया। उन्होंने कहा कि इस सर्वानुमति के एक तरफा फैसले का विरोध आवश्यक है। यह अन्य समुदायों को गुलाम बना लेने का षड्यंत्र है। अन्य समुदाय नौकरी सहित विभिन्न सुविधाओं से वंचित होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि एससी व एसटी का नया कानून जिसे सदन ने संविधान बदल कर पारित किया है। वह मानवाधिकार के पूर्णत: खिलाफ है। भागीरथ तिवारी ने कहा कि देश के प्रतिमाओं को अपमानित करने का खेल पहले से खेलता आ रहा है, अब नए कानून से गुलाम बनाने की ओर अग्रसर है। अब कोई सुविधा प्राप्त समुदाय सपने में भी चाह लेगा तो अनारक्षित समुदाय को दंडित कर देगा। दरअसल यह निर्णय सोची समझी चाल है जिसे भाजपा सरकार ने अंजाम दिया है। इस मौके पर पप्पू ¨सह, संजय शुक्ला, धर्मेद्र तिवारी, विष्णुदेव भगत, शशि चौबे, साधना ओझा, मुकेश मंडल, उज्जवल ¨सह, मुन्ना तिवारी, बिरजा ¨सह देवानंद गोस्वामी आदि मौजूद थे।

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