जासं, पाकुड़: मोदी सरकार ने देश के सभी घरों में बिजली पहुंचाने के लिए पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती पर 25 सितंबर 2017 को सहज बिजली हर घर 'सौभाग्य योजना' शुरू की। पाकुड़ जिला में अक्टूबर 2017 में यह योजना शुरू हुई। यह योजना जून तक चलेगी। अब तक पाकुड़ के 35,278 घरों में बिजली पहुंचाई जा चुकी है।

दो वर्ष पूर्व कर तकरीबन 60 प्रतिशत गरीबों ने कभी यह कल्पना नहीं की होगी कि उनके घर भी बिजली की रोशनी से चकाचौंध होगी। लेकिन केंद्र सरकार की इस योजना ने इस नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया है।

बहरहाल, इस सौभाग्य योजना से इस अतिपिछड़े जिले के गरीबों की जीवनशैली में बदलाव आने लगा है। उसके हाथों में मोबाइल आ गया और घरों में टीवी चलने लगा है। सभी गांवों में बिजली पहुंचने के बाद ग्रामीण भी धीरे-धीरे शहरीशैली अपनाने लगे हैं। इसकी झलक शादी समारोह एवं अन्य कार्यक्रमों में सहज देखे जाने लगे हैं।

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गांवों में घूम रहा सौभाग्य रथ

जिले के सैंकड़ों गरीब परिवार के सदस्य साल में चीन चार बार रोजगार की तलाश में अन्य प्रदेशों में पलायन करते रहे हैं। उस समय उनके घरों में ताला लटका होता है। इस कारण ऐसे घरों में अब तक बिजली कनेक्शन नहीं हो सका। सरकार ऐसे लोगों के घरों में कनेक्शन देने के लिए जनवरी से सौभाग्य रथ गांवों में चला रही है। रथ पर सवार विद्युत कर्मी वर्ष 2011 की सामाजिक - आíथक जनगणना में शमिल गरीबों के घरों में मुफ्त में बिजली कनेक्शन दे रहे हैं। अबतक 15 सौ लोगों के घरों में बिजली पहुंचाई गई है। एपीएल परिवार के घरों में बिजली कनेक्शन देने के लिए मात्र 500 रुपये लिए जा रहे हैं। गृह स्वामी इस राशि को 10 आसान किश्तों में दे रहे हैं।

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क्या कहते हैं ग्रामीण

पाकुड़ प्रखंड के चेंगाडांगा की नसीमा बीबी के घर सौभाग्य योजना से बिजली लग गई है। घर पर बिजली आने पर वह काफी खुश हैं। कहती हैं कि अब उसके बच्चे लैंप की रोशनी के बदले बिजली की साफ रोशनी में पढ़ते हैं। घर पर टीबी भी चलने लगा है।

महेशपुर प्रखंड की मंसूरी रविदास के घरों में भी मोदी सरकार की सौभाग्य योजना के कारण बिजली लग गई है। कहा कि इसके लिए उसे कोई पैसा भी नहीं देना पड़ा है। अब रोशनी के लिए लालटेन की जरूरत नहीं पड़ती। पहले बच्चे लालटेन से पढ़ते थे, लेकिन अब बिजली की रोशनी में पढ़ते हैं।

महेशपुर के पिटू रविदास कहते है पहले लोगों को पैसा देने के काफी दिन बाद बिजली कनेक्शन मिलती थी, लेकिन सौभाग्य योजना में सभी गरीबों को बिना पैसे ही तुरन्त बिजली कनेक्शन मिल गया। इससे सबलोग काफी खुश हैं।

लिट्टीपाड़ा के सिमलजोड़ी गांव की तालामय हांसदा के घर भी निशुल्क बिजली लग गई है। उसे एलईडी बल्ब भी मिला है। अब घर में दूधिया रोशन रहती है। पहले बच्चे डिबिया की धीमी रौशनी में पढ़ते थे, लेकिन अब बिजली बल्व की अधिक रौशनी में अधिक देर तक पढ़ने लगे हैं। अब मोबाइल चार्ज करने के लिए गांव से बाहर नहीं जाना पड़ता है।

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जिले के करीब शत प्रतिशत घरों में बिजली पहुंचा दी गई है। छुटे घरों में बिजली पहुंचाने के लिए सौभाग्य रथ चलाया जा रहा है। पहाड़ और जंगल स्थित घरों में आगामी जून तक सोलर सिस्टम के माध्यम से बिजली पहुंचा दी जाएगी।

समीर कुमार

विद्युत कार्यपालक अभियंता, पाकुड़

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सौभाग्य योजना में जिले के 22,278 बीपीएल एवं 13 हजार एपीएल परिवारों के घरों में बिजली पहुंचा दी गई है।

अभिषेक कुमार तिवारी

प्रोजेक्ट इंजीनियर

सौभाग्य योजना, पाकुड़

Posted By: Jagran