West Bengal Elections में भाजपा की जीत निश्चित, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास बोले- जनता TMC से त्रस्त
West Bengal Polls: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा भारी बहुमत से ...और पढ़ें

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास (बीच में)।
संवाद सहयोगी, जागरण पाकुड़। पश्चिम बंगाल में इस बार परिवर्तन निश्चित है। विधानसभा चुनाव में कमल खिलेगा और भारतीय जनता पार्टी भारी बहुमत से जीत दर्ज कर सरकार बनाएगी। यह दावा झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री Raghubar Das ने किया।
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शनिवार को पाकुड़ सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि तृणमूल कांग्रेस के शासन से पश्चिम बंगाल की जनता त्रस्त है और बदलाव का मन बना चुकी है।
एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से मतदाता सूची से घुसपैठियों के नाम हटाए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि विदेशी घुसपैठिए देश छोड़कर भाग रहे हैं।
उन्होंने बताया कि द्वितीय चरण में देश के 12 राज्यों में गहन पुनरीक्षण कार्य शुरू होने जा रहा है। एक अप्रैल से बीएलओ घर-घर जाकर पुनरीक्षण के लिए फॉर्म वितरित करेंगे। चुनाव आयोग के इस कार्य को देश के नागरिकों का समर्थन प्राप्त है। एसआईआर का कार्य बंगाल सहित अन्य राज्यों में भी जारी है, जिसका उद्देश्य केवल वास्तविक नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल करना है।
रघुवर दास ने कहा कि घुसपैठ के कारण ही क्षेत्रीय पार्टियां अस्तित्व में हैं। झारखंड के संथाल परगना का पाकुड़ जिला पश्चिम बंगाल की सीमा से सटा हुआ है, जहां बड़े पैमाने पर विदेशी घुसपैठ होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में वामपंथी शासनकाल से ही घुसपैठ जारी है और एसआईआर से ऐसे लोगों के नाम स्वतः हट जाएंगे। उन्होंने कहा कि घुसपैठ देश और राज्य की सुरक्षा के लिए खतरा है।
लव जिहाद मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के साहिबगंज जिले के राजमहल में लव जिहाद का मामला सामने आया है, जिस पर सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ माह पहले संथाल परगना के दुमका में भी इसी तरह की घटना में एक आदिवासी युवती को जला दिया गया था। ऐसे मामलों में दोषियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि वोट बैंक की राजनीति के तहत तुष्टिकरण नहीं होना चाहिए। राज्य के बजट सत्र के समापन के समय मुख्यमंत्री Hemant Soren द्वारा हिंदू देवी-देवताओं पर की गई टिप्पणी पर भी उन्होंने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का पद एक संवैधानिक पद है और जनता उनसे आगामी योजनाओं की जानकारी की अपेक्षा करती है।
पानी के लिए तरस रहे आदिवासी
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में आदिवासी मुख्यमंत्री होने के बावजूद लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी समाज को पेयजल की सुविधा नहीं मिल रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने बताया कि अल्पसंख्यक, आदिवासी और पहाड़िया समुदाय को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जलापूर्ति योजना शुरू की गई थी। राज्य के पहले विधानसभा क्षेत्र लिट्टीपाड़ा में ‘योजना बनाओ अभियान’ के तहत भाजपा सरकार ने बड़ी राशि खर्च कर इस योजना को स्वीकृति दी थी।
