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झारखंड के पाकुड़ में सूखे का संकट गहराया, मानसून की बेरुखी से किसान परेशान

Published: Thu, 03 Sep 2026 02:48 PM (IST)

पाकुड़ जिले में जून से अगस्त के बीच सामान्य से 52% कम मानसूनी बारिश हुई है, जिससे सुखाड़ जैसी स्थिति ...और पढ़ें

धान की फसल में पानी की कमी। फोटो जागरण

धान की फसल में पानी की कमी। फोटो जागरण

गणेश पांडेय, पाकुड़। प्रदेश के नक्शे पर कृषि बहुल जिलों में शुमार पाकुड़ इस समय मानसून के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। एक तरफ जहां राज्य के कई जिलों में जून से अगस्त के बीच हुई मानसूनी बारिश का आंकड़ा सामान्य के करीब पहुंच चुका है, वहीं पाकुड़ जिले में कुदरत का अलग ही रूप देखने को मिल रहा है।

यहां मानसून की लगातार बेरुखी ने सुखाड़ की घंटी बजा दी है। कृषि विभाग के अनुसार मानसून के मुख्य तीन महीने यानि जून से अगस्त के दौरान जिले में सामान्य से 52 फीसद कम बारिश हुई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

आंकड़ों के अनुसार, जिले में सामान्य रूप से 798.8 मिमी (मिलीमीटर) बारिश होनी चाहिए थी, जबकि वास्तव में जिले को महज 383 मिमी बारिश ही नसीब हुई है। यानी आधा मानसून बीत जाने के बाद भी जिले को उसकी जरूरत का 50 फीसदी पानी भी नहीं मिला है।

कम और समय पर बारिश नहीं होने के कारण इसबार जिलेभर में महज 88.9 फीसद ही धनरोपनी कार्य संपन्न हो सका, जबकि वर्ष 2025 में धनरोपनी का प्रतिशत 92 था। बारिश की कमी का असर खरीफ फसल के साथ खेतों की नमी और जलस्रोत पर भी पड़ने लगी है।

अगस्त माह में भी 40 फीसद कम बारिश

जुलाई और अगस्त धान की रोपनी के मुख्य महीने होते हैं। अगस्त माह बीत चुका है। इस माह में भी मानसून ने दगाबाजी की। कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इसबार अगस्त माह में महज 157.83 मिमी वर्षापात हुई, जबकि वर्ष 2025 के अगस्त माह में वास्तविक वर्षापात का आंकड़ा 280.00 मिमी था।

वर्ष 2025 की अपेक्षा इसवर्ष अगस्त में करीब 40 फीसद कम बारिश हुई है, जो कि चिंताजनक है। किसानों का कहना है कि जुलाई-अगस्त माह में खेतों में लबालब पानी होनी चाहिए थी, लेकिन इस समय वह स्थिति नहीं है।

किसान चितरंजन सरकार, गोपाल मंडल, सरोज मुर्मू आदि ने दूरभाष पर बताया कि खेतों में पानी की आवश्यकता है। मानसून की स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आने वाले दिनों में परेशानी होगी।

तीन दिन से हो रही झमाझम बारिश

जिलेभर में पिछले तीन दिनों से मानसून मेहरबान हो गया है। झमाझम बारिश हो रही है। इस वर्षा से किसानों को कुछ दिन के लिए राहत मिलने वाली है। अभी भी कुछ इलाके में खेतों में काफी मात्रा में पानी जमा नहीं हुआ है।

निचले हिस्से में पानी का जमाव हुआ है। किसानों का कहना है कि जमकर बारिश की दरकार है। तभी आने वाले समय में फसल अच्छी होगी। बुधवार को भी जिलेभर में देर शाम तक बारिश हुई।

अगस्त माह में बारिश की स्थिति

प्रखंड का नाम वर्ष 2025 वर्ष 2026
पाकुड़ 151.8 98.3
हिरणपुर 310.6 105.8
लिट्टीपाड़ा 290.8 63.0
अमड़ापाड़ा 229.2 245.2
महेशपुर 408.4 160.5
पाकुड़िया 289.2 274.2

बारिश कम हुई है, लेकिन धनरोपनी का लक्ष्य लगभग पूरा कर लिया गया है। भादो माह में अच्छी बारिश की संभावना है।- अभिषेक मिश्रा, जिला कृषि पदाधिकारी, पाकुड़