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पाकुड़ बाईपास निर्माण को मिली रफ्तार, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज; 10 सदस्यीय कमेटी गठित

Published: Wed, 16 Sep 2026 04:10 PM (IST)

पाकुड़ में 6 किलोमीटर लंबी बाईपास सड़क के निर्माण में तेजी लाने के लिए जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया ...और पढ़ें

पाकुड़ बाईपास निर्माण को मिली रफ्तार, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज (AI Generated Image)

पाकुड़ बाईपास निर्माण को मिली रफ्तार, भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया तेज (AI Generated Image)

HighLights

  1. भूमि अधिग्रहण में तेजी लाने के लिए 10 सदस्यीय समिति गठित।

  2. 24 करोड़ की बाईपास सड़क का 50% काम पूरा हो चुका है।

  3. शहर को जाम से मुक्ति मिलेगी, यातायात सुगम होगा।

संवाद सहयोगी, पाकुड़। पाकुड़ शहर को जाम से राहत दिलाने वाली छह किलोमीटर लंबी बाईपास सड़क के निर्माण में अब तेजी आने की उम्मीद जगी है। जिला प्रशासन ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति देने के लिए अपर समाहर्ता जेम्स सुरीन की अध्यक्षता में 10 सदस्यीय कमेटी गठित की है।

कमेटी रैयतों को मुआवजा भुगतान और शेष भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने के साथ निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने में समन्वय करेगी।

जागरण उठाता रहा है बाईपास निर्माण का मुद्दा

शहर के शाहड़कोल से प्यादापुर तक करीब 24 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली बाईपास सड़क का आनलाइन शिलान्यास मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 18 अगस्त 2024 को किया था। परियोजना को नौ माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। अब तक करीब 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।

गोसाईंपुर तक सड़क निर्माण का कार्य पूरा हो गया है, जबकि शेष हिस्से में भूमि अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया के कारण काम प्रभावित है। बाईपास निर्माण में विलंब का मुद्दा दैनिक जागरण लगातार उठाता रहा है। बाईपास के लिए कुल 41.491 एकड़ भूमि की आवश्यकता है।

सड़क 12 गांवों से होकर गुजरेगी। इनमें गोसाईंपुर, छोटी अलीगंज, नंदीपाड़ा, सुंदरपुर, चकबरामपुर और प्यादापुर सहित अन्य गांव शामिल हैं। रैयतों को मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित भूमि उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

भूमि अधिग्रहण विभाग को पहले करीब 5.38 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा लगभग 14 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि की मांग भेजी गई थी। जिसकी प्रशासनिक स्वीकृति सरकार से मिल चुकी है।

प्रशासन की नई पहल से अब भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में समन्वय बेहतर होने और शेष निर्माण कार्य को गति मिलने की उम्मीद है।

बाईपास का निर्माण पूरा होने से शहर के मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव कम करने और यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने में मदद मिलेगी। इससे शहरवासियों के साथ-साथ बाहर से आने-जाने वाले वाहन चालकों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।