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- कद्दू के दामों में उछाल, व्रतियों ने कद्दू-भात बनाकर चढ़ाया प्रसाद

जागरण टीम, पाकुड़: लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ रविवार को नहाय-खाय (कद्दू-भात) के साथ शुरु हो गया। इस महापर्व को लेकर छठ व्रतियों ने गंगा नदी व अन्य पवित्र सरोवर में स्नान कर कद्दू-भात बनाकर भगवान को प्रसाद चढ़ाया। इसके बाद कद्दू भात छठ व्रतियों व श्रद्धालुओं ने प्रसाद स्वरुप ग्रहण किया। इधर कद्दू-भात को लेकर बाजारों में कद्दू की ज्यादा मांग के कारण कद्दू की कीमत आसमान छू रही थी। सब्जी विक्रेताओं ने बताया कि आसपास के क्षेत्रों में कद्दू की खेती नहीं हुई है, इसलिए इस बार पश्चिम बंगाल के नदिया जिला से कद्दू खरीदकर लाना पड़ा है। वहीं महापर्व को लेकर महिलाओं में काफी उत्साह है। दूसरे दिन खरना का आयोजन होता है, जिसका विशेष महत्व है। अमडापाड़ा: नहाय-खाय के साथ लोक आस्था का महापर्व छठ रविवार को शुरू हो गया। पहले दिन व्रतियों ने नहाय-खाय के साथ कद्दू-भात ग्रहण किया। वहीं अमडापाड़ा में बांसलोई नदी के विभिन्न घाटों की सफाई का काम जोरों से किया जा रहा है। इसके बाद घाटों में सजावट भी किया जाएगा। पाकुड़िया: श्रद्धा, आस्था, समर्पण, शक्ति और सेवाभाव का चार दिवसीय महापर्व छठ पूजा रविवार को नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया। आस्था के महापर्व को मन्नतों का पर्व भी कहा जाता है। रविवार को छठ व्रतियों ने घर की साफ-सफाई कर सुबह नदी तालाब, कुएं या चापाकल में स्नान कर साफ कपड़े पहनकर व्रती महिलाओं ने चने की दाल, अरवा चावल और कद्दू की सब्जी बनाई। पहले श्रीगणेश और सूर्य देव को भोग लगाने के बाद व्रतियों ने इसका सेवन किया। फिर परिवार के दूसरे सदस्यों ने इसे प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया।

हिरणपुर: नहाय-खाय के साथ चार दिवसीय महापर्व छठ शुरू हो गया। कद्दू भात को लेकर रविवार को कद्दू का भाव भी काफी तेज रहा। बावजूद इसके श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। महिलाएं सोमवार को खरना करेंगी। महापर्व का समापन बुधवार को उदयगामी सूर्य को अ‌र्घ्य के साथ होगा।

लिट्टीपाड़ा: छठ पर्व को लेकर प्रखंड क्षेत्र में माहौल भक्तिमय बना हुआ है। रविवार को नहाय-खाय के साथ महापर्व की शुरूआत हो गई। छठ को लेकर लोगों में विशेष उत्साह है। महेशपुर: छठ पर्व को लेकर प्रखंड में उत्सवी माहौल है। रविवार को नेम निष्ठा के साथ कद्दू-भात का आयोजन किया गया, जिसमें व्रतियों ने पवित्र नदियों व तालाबों में स्थान कर पर्व की शुरूआत की।

Posted By: Jagran

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