पाकुड़ : सात सरोकारों में से एक जल संरक्षण की दिशा में भी दैनिक जागरण लगातार काम कर रहा है। लोगों से भू-जल को बचाने की अपील की जा रही है ताकि आने वाली पीढ़ी को पानी के लिए आंसू नहीं बहाना पड़े। इसी कड़ी में शनिवार को दैनिक जागरण कार्यालय में जल संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें शहर के प्रबुद्ध लोगों के अलावा कई संस्थानों के सदस्यों ने भी हिस्सा लिया। कार्यक्रम के माध्यम से लोग से भू-जल को बचाने की अपील की गई। लोगों से वर्षा जल संरक्षण की उचित व्यवस्था करने, घरों के बेकार पानी को घर में संरक्षित करने, घर का पानी घर में, शहर का पानी शहर में तथा गांव का पानी गांव में सहेज कर रखने का आग्रह किया गया।

इस दौरान शहरवासियों ने पानी को बर्बाद नहीं करने व बर्बादी रोकने की शपथ ली। कहा कि पानी की बर्बादी रोकने के लिए जनता को जागरूक होना पड़ेगा। इसकी बर्बादी में सिर्फ सरकार व स्थानीय प्रशासन ही दोषी नहीं है। इसके लिए हम भी जिम्मेवार हैं। वर्षा पानी को रोकने के लिए रेन हार्वेस्टिग सिस्टम लागू करना पड़ेगा। वर्षा जल संचयन के लिए तालाब, नदी, कुआं आदि जलस्रो को बचाना पड़ेगा। कहा कि भू-जल व वर्षा जल को बचाने के लिए व्यापक रुप में जागरूकता अभियान चलाना पड़ेगा।

प्रबुद्ध जनों की अपील

घर बनाते समय रेन वाटर हार्वेस्टिग सिस्टम सख्ती से लागू करें। शहर में री-साइकल की व्यवस्था हो ताकि शहर के पानी को शहर में ही रखा जा सके।

संजीव कुमार खत्री, सदस्य, चेंबर ऑफ कॉमर्स

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सबसे पहले हमें अपने घर का पानी बचाना है। शहर के लोगों को जागरूक होने की जरुरत है। तभी पानी का बचा व बर्बादी रोक सकते हैं।

किशन भगत

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पानी को बचाने के लिए टंकी का निर्माण हो। सीमित पानी ही खर्च किया जाए। इसके लिए शहरवासियों को जागरूक होना पड़ेगा।

संदीप कुमार जायसवाल

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मुहल्लों में बिछाई गई पाइपलाइन व नल को दुरुस्त किया जाए। शहर में कई स्थानों पर पानी का रिसाव हो रहा है। इसे रोकने के उपाय करने होंगे।

रोहित उपाध्याय

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पीएचईडी विभाग द्वारा मुहल्लों में दिए गए प्वाइंट को ठीक किया जाए। नल को दुरुस्त किया जाए। इसके लिए आमलोगों के साथ विभाग को भी जागना होगा।

बज्रमोहन साह, सदस्य चेंबर ऑफ कॉमर्स

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पहले अपने घर के पानी को बचाएं। इसके बाद मुहल्ले के लोगों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित करें। तभी सही मायने में जल संरक्षण संभव है।

संतोष टिवड़ीवाल

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शहर में हो रहे डीप बोरिग को रोका जाए। इससे भू-जल का दोहन हो रहा है। जल संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक होना होगा।

गौतम मंडल, समाजसेवी

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शहर में नाली की ढलाई से पानी बहकर बाहर चला जाता है। इस तरह की व्यवस्था लागू किया जाए कि शहर के पानी को शहर में संरक्षित किया जाए।

दिलीप सिंह

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जल संरक्षण के लिए समाज के लोगों को जागरूक होना पड़ेगा। घरों के बाहर शॉकपिट बनाना होगा। पेड़-पौधे लगाने होंगे। तभी भू-जल स्रोत बने रहेंगे।

विकास कुमार

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कपड़ा धोने, घर में पोछा लगाने व नहाने में पानी का अधिक प्रयोग न करें। स्कूलों में जागरुकता अभियान चलाना आवश्यक है।

अभिषेक शर्मा

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पानी बचाने के उपाय

-रेन हार्वेस्टिग सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू करें।

-घर, चापाकल आदि के समीप शॉकपिट की व्यवस्था करें।

-कपड़ा धोने, नहाने आदि में जल की बर्बादी न करें।

-अनावश्यक डीप बोरिग न करें। इसके लिए नप से अनुमति लें।

-गांव-मुहल्लों में लोगों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित करें।

-काफी संख्या में पौधरोपण करें ताकि समय पर वर्षा हो।

Posted By: Jagran