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झारखंड भाजपा ने SIR पर उठाए सवाल, कहा- एक जमाबंदी पर सैकड़ों दावों की हो जांच

Published: Tue, 08 Sep 2026 03:35 PM (IST)

भाजपा ने पाकुड़ में मतदाता सूची के Jharkhand SIR पर सवाल उठाए हैं, जिसमें एक जमाबंदी पर सैकड़ों लोगों के ...और पढ़ें

भाजपा के प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा और स्थानीय नेता। फोटो जागरण

भाजपा के प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा और स्थानीय नेता। फोटो जागरण

HighLights

  1. एक जमाबंदी पर सैकड़ों लोगों के निवासी होने का दावा।

  2. भाजपा ने मतदाता सूची की दस्तावेजी, भौतिक जांच की मांग की।

  3. 9 सितंबर को छात्र आंदोलन पर उपायुक्त कार्यालय का घेराव।

संवाद सहयोगी, पाकुड़। एक जमाबंदी... और उस पर सैकड़ों लोगों के स्थानीय निवासी होने का दावा। सीमावर्ती पाकुड़ में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के बीच भाजपा ने इसी सवाल को लेकर प्रशासन और चुनाव आयोग के सामने बड़ा सवाल खड़ा किया है।

भाजपा के प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा ने मंगलवार को परिसदन में प्रेसवार्ता कर आरोप लगाया कि एसआइआर के दौरान जिले में जाति और आवासीय प्रमाणपत्र बनवाने की होड़ लगी है।

उन्होंने आशंका जताई कि कहीं इन प्रमाणपत्रों का इस्तेमाल मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए तो नहीं किया जा रहा। गणेश मिश्रा ने कहा कि यदि एक ही जमाबंदी के आधार पर सैकड़ों लोग किसी बूथ में अपना निवासी होने का दावा कर रहे हैं तो यह सामान्य स्थिति नहीं हो सकती।

उन्होंने चुनाव आयोग और जिला प्रशासन से ऐसे मामलों की दस्तावेजी जांच, भौतिक सत्यापन और पूरे दावे की पड़ताल कराने की मांग की।

एक बूथ पर सैंकड़ों वोटर का दावा

भाजपा नेता ने कहा कि पार्टी के सामने ऐसे मामले आने की जानकारी है, जहां किसी बूथ पर 1200, 1000 या 800 तक मतदाताओं की संख्या बताई जा रही है, जबकि उसके पीछे महज कुछ जमाबंदियों का आधार होने का दावा किया जा रहा है।

उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर एक-दो या चार जमाबंदियों के आधार पर इतनी बड़ी संख्या में लोग स्थानीय निवासी होने का दावा कैसे कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को केवल कागजों की औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जरूरत पड़ने पर जमीन, निवास और संबंधित परिवारों का वास्तविक सत्यापन भी कराया जाना चाहिए।

सरकारी अधिकारी राजनीतिक दबाव से मुक्त होकर करें काम

प्रदेश महामंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य में राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी के मामले सामने आए हैं। अधिकारियों को संविधान के प्रति जवाबदेह होकर काम करना चाहिए, न कि किसी राजनीतिक दबाव में।

9 को सड़क पर उतरेगी भाजपा

छात्र आंदोलन को लेकर भी भाजपा ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कहा कि परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों ने लंबे समय तक आंदोलन किया।

छात्रों के आंदोलन को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं का समाधान होना चाहिए। भाजपा ने छात्रों के मुद्दे पर आंदोलन का एलान किया है।

नौ सितंबर को पाकुड़ में उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया जाएगा। नेता प्रतिपक्ष एवं झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी आंदोलन का नेतृत्व करेंगे।

डीएमएफटी फंड का खनन प्रभावित क्षेत्रों में हो उपयोग

खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए मिलने वाली डीएमएफटी राशि को लेकर भी भाजपा ने जिला प्रशासन को घेरा। गणेश मिश्रा ने आरोप लगाया कि पाकुड़ में डीएमएफटी फंड का अपेक्षित उपयोग खनन प्रभावित गांवों और बस्तियों में नहीं हो रहा है।

पेसा पर भी सरकार को घेरा

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता दिनेश मरांडी ने कहा कि आदिवासी बहुल संताल परगना में पेसा कानून को प्रभावी तरीके से लागू करने की मांग भी भाजपा ने उठाई। उन्होंने कहा कि ग्रामसभा और संबंधित समितियों को अधिकार देकर स्थानीय विकास के फैसलों में आदिवासी समाज की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

प्रेसवार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष सरिता मुर्मू, प्रदेश प्रवक्ता दिनेश मरांडी, मीरा प्रवीण सिंह, साधन कुमार ठाकुर, रूपेश भगत सहित पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।

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