संवाद सहयोगी, पाकुड़: जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय में शनिवार को जिले के निजी विद्यालय के संचालकों की अहम बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्ष जिला शिक्षा अधीक्षक दुर्गानंद झा ने की। डीएसई ने कहा कि आजसू पार्टी के जिला अध्यक्ष अलोक जॉय पॉल ने शिकायत की है कि जिले के निजी विद्यालय के संचालक के द्वारा री-एडमिशन के नाम पर अभिभावकों से अधिक राशि वसूली जा रही है। मामले को संज्ञान में लेते हुए निजी विद्यालय के संचालकों के साथ बैठक की गई।

बैठक में स्पष्ट निर्देश दिया गया कि अगर सरकार के गाईड लाईन से हटकर निजी विद्यालयों का संचालन किया जाता है। तो उक्त विद्यालय के संचालक व प्राचार्य पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत बीपीएल परिवार के बच्चों का नामांकन करने का निर्देश दिया है। साथ ही अबतक किए गए नामांकन के बारे में जानकारी ली गई। उन्होंने कहा कि जिले के सभी प्रखंडों के बीईईओ को नियमित रूप से निजी विद्यालयों की जांच कर जांच प्रतिवेदन कार्यालय में जमा करने का निर्देश दिया गया है। जांच में निजी विद्यालय संचालन में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित विद्यालय संचालकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मौके पर आसजू पार्टी के जिला अध्यक्ष ऑलोक जॉय पॉल, निजी विद्यालय संचालक राजकुमार भगत, विनय कुमार सिंह, मनोज भगत, जय दत्ता, नयन सेन, मनिरूल, फेकारूल सहित अन्य मौजूद थे।

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अनुपस्थित रहे कई विद्यालय के प्रतिनिधि

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बैठक में डीएसई ने जिले के सभी निजी विद्यालय के संचालकों को उपस्थित होने का निर्देश दिया था। परंतु बैठक में 25-26 निजी विद्यालय के संचालक व प्राचार्य पहुंचे थे। बता दे कि जिले में लगभग 150 से अधिक निजी विद्यालय संचालित है। जिससे स्पष्ट होता है कि शिक्षा विभाग के आदेशों का निजी विद्यालय संचालक कितना महत्व दे रहे हैं। जिले के निजी विद्यालयों का शिक्षा विभाग के द्वारा नियमित रूप से जांच नहीं किए जाने के कारण कई निजी विद्यालय संचालक सरकारी नियमों को ताक पर रखकर विद्यालय का संचालन करते हैं। इसका खामिया बच्चों के अभिभावकों को भुगतना पड़ रहा है।

Posted By: Jagran

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