पाकुड़: डीसी ऑफिस के सभागार में शुक्रवार को जिला स्तरीय साख समिति तथा जिला स्तरीय आरसेटी परामर्शी समिति की बैठक उप विकास आयुक्त राम निवास यादव ने की। उप विकास आयुक्त ने वित्तीय वर्ष 2019-20 में बैंक द्वारा वित्तीय साख योजना का लक्ष्य पहला तिमाही में ही 52 फीसद प्राप्ति पर संतोष व्यक्त किया। इसमें कुछ बैंकों की प्रगति काफी कम होने के कारण उप विकास आयुक्त ने नाराजगी जताया। उन्होंने अगले तिमाही तक लक्ष्य प्राप्ति करने को कहा। उन्होंने केसीसी की उपलब्धि पर भी संतोष प्रकट किया। साथ ही बैंकों को लंबित आवेदन को गुणवत्ता के आधार पर निष्पादन करने का आग्रह किया। उपविकास आयुक्त ने वित्तीय समावेशन के अंतर्गत पीएमजेडीवाई, पीएमजेजेबीवाई, पीएमएसबीवाई और एपीवाई के लिए बैंकों को सक्रिय रहने को कहा। कहा कि एपीवाई के अंतर्गत सबसे अधिक लक्ष्य प्राप्त करने वाले बैंक को साख समिति के द्वारा सम्मानित किया जाएगा। डीडीसी ने एसएचजी की प्रगति पर असंतोष प्रकट किया और बैंकों से कहा कि विभिन्न शाखाओं में भेजे गए आवेदन का त्वरित निष्पादन करें। इस मौके पर डीडीसी ने आरसेटी पाकुड़ के 2018-19 वित्तीय वर्ष के वार्षिक कार्य प्रतिवेदन का विमोचन किया। उन्होंने श्यामा प्रसाद मुखर्जी रुर्बन मिशन योजना के अंतर्गत क्रिटिकल गैप फंड के तहत प्रशिक्षण उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। बैठक में संस्थान के निदेशक जीवेन कुमार दत्ता ने प्रथम तिमाही प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। मौके पर भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक महाप्रबंधक विलियम विल्सन तिग्गा, नाबार्ड के नेयाज इशरत, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक कमलेश कुमार सिन्हा, एसबीआइ अरबीओ के मुख्य प्रबंधक एनएन भैया, एसबीआइ के मुख्या प्रबंधक अलोख निरंजन चौधरी आदि उपस्थित थे ।

Posted By: Jagran

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