पाकुड़ में CPD ट्रेनिंग में लापरवाही, 365 टीचरों को मिला शोकॉज नोटिस
पाकुड़ जिले में ऑनलाइन सतत व्यावसायिक विकास (सीपीडी) प्रशिक्षण में लापरवाही बरतने पर शिक्षा विभाग ने 365 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
पाकुड़ में 365 शिक्षकों को शोकाज नोटिस जारी।
ऑनलाइन सीपीडी प्रशिक्षण में लापरवाही का मामला।
दो दिनों में देना होगा स्पष्टीकरण, जे-गुरुजी ऐप।
संवाद सहयोगी, पाकुड़। शिक्षकों की शैक्षणिक दक्षता और शिक्षण कौशल को बेहतर बनाने के लिए शुरू किए गए ऑनलाइन सतत व्यावसायिक विकास (सीपीडी) प्रशिक्षण में लापरवाही को शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया है।
जे-गुरुजी एप के माध्यम से निर्धारित प्रशिक्षण शुरू नहीं करने अथवा पूरा नहीं करने वाले पाकुड़ जिले के 365 शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
विभाग ने संबंधित शिक्षक-शिक्षिकाओं को दो दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है। वर्गवार आंकड़ों में प्राथमिक स्तर के शिक्षकों की संख्या सबसे अधिक है।
कक्षा एक से पांच तक के 278, कक्षा छह से आठ तक के 65 और कक्षा नौ से 12वीं तक के 22 शिक्षक शोकॉज की कार्रवाई के दायरे में आए हैं।
समय सीमा बीती, प्रशिक्षण फिर भी अधूरा
जिला शिक्षा अधीक्षक-सह-अपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, झारखंड शिक्षा परियोजना, पाकुड़ की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि शिक्षकों के लिए जे-गुरुजी एप पर आनलाइन सीपीडी प्रशिक्षण शुरू किया गया था।
निर्धारित तिथि समाप्त होने के बाद भी संबंधित शिक्षकों ने प्रशिक्षण शुरू नहीं किया अथवा उसे पूरा नहीं किया। विभाग ने इस स्थिति को खेदजनक बताते हुए जवाब-तलब किया है।
शिक्षकों को स्पष्ट करना होगा कि किन परिस्थितियों में वे निर्धारित समय के भीतर प्रशिक्षण शुरू या पूरा नहीं कर सके।
प्राथमिक स्तर पर सबसे अधिक शिक्षक
विभागीय सूची के अनुसार, कक्षा एक से पांच तक के 278 शिक्षक कार्रवाई के दायरे में हैं। कक्षा छह से आठ तक के 65 और कक्षा नौ से 12वीं तक के 22 शिक्षकों से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
इस तरह तीनों वर्गों के कुल 365 शिक्षक विभाग के जवाब-तलब के दायरे में आए हैं। वर्गवार आंकड़ों में प्राथमिक स्तर के शिक्षकों की संख्या सबसे अधिक है।
बीईईओ को दो दिनों में जवाब जमा कराने का निर्देश
जिला शिक्षा अधीक्षक-सह-अपर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी-सह-प्रखंड संसाधन केंद्र समन्वयकों को निर्देश दिया है कि संबंधित शिक्षक-शिक्षिकाओं से दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्राप्त कर जिला शिक्षा परियोजना कार्यालय, पाकुड़ में जमा कराएं।
पत्र में झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, रांची के निदेशक के पत्रांक 1681, दिनांक 15 अगस्त 2026 का संदर्भ दिया गया है।
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