पाकुड.: जिले के प्रखंड एवं संकुल साधन सेवियों की कार्यशाला स्थानीय राजकीय मध्य विद्यालय धनुषपूजा में मंगलवार को हुई। इसमें डीएसई ने कहा कि जिले के ऐसे प्राथमिक व मध्य विद्यालय जहां छात्र-छात्राओं की उपस्थिति कम है। वैसे 364 विद्यालयों को चिह्नित कर विलय (मर्ज) करने का प्रस्ताव लिया गया है। ¨चहित विद्यालयों के भौतिक सत्यापन के लिए राज्य स्तरीय टीम गठित की गई है। उक्त टीम चयनित विद्यालयों का स्थलीय जांच करेगी। इसके उपरांत विद्यालयों का विलय किया जाएगा।

डीएसई ने बताया कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के मानक को पालन करते हुए विद्यालय का विलय होगा। सरकार के स्तर से कम उपस्थितिवाले स्कूलों को विलय करने का निर्णय लिया गया। जिले में बहुत ऐसे विद्यालय हैं जहां छात्रों की संख्या कम है। जो निर्धारित मानक के विरुद्ध संचालित है। जिसके कारण ऐसे विद्यालयों के संचालन में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रभावित होती है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना चुनौती बन गया है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष से नीति आयोग द्वारा देश के 115 जिला की रैं¨कग की गई है। इसमें झारखंड के 19 जिलों को भी परखा जाएगा। इस कार्यशाला में जिला शिक्षा अधीक्षक राजाराम साह, एडीपीओ जयेंद्र कुमार मिश्र, जिला साधनसेवी दुमका मनोज अम्बष्ट, राजेश कुमार, बीईईओ रामनरेश राम, जेंडर समंवयक शबनम तब्बसूम मौजूद थी। इस कार्यशाला में जिले के सभी प्रखंड एवं संकुल साधनसेवी मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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