अमडापाड़ा (पाकुड़) : प्रखंड मुख्यालय के सभागार भवन में मनरेगा अंतर्गत बिरसा मुंडा बागवानी योजना से सम्बंधित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में उपस्थित बीडीओ रोहित ¨सह ने कहा कि मनरेगा का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को सालाना 100 दिन के रोजगार की गारंटी देना व आजीविका वर्धन और गांव की मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने के लिए परिसंपत्ति का निर्माण करना है।

मनरेगा अंतर्गत आम बागवानी करने से किसान अपने बागवानी में 100 दिनों का कार्य कर सकते हैं। जिससे अपनी परिसंपत्ति भी बनेगी और मजदूरी भी प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि किसान अपने एक एकड़ आम बागवानी में खेती कर कम से कम पंद्रह से बीस हजार रुपया प्रतिवर्ष आय कर सकता है। कार्यशाला में आशा सीएफटी ट्रेनर्स मोहम्मद अब्दुल रशीद, आनंद प्रकाश टूडु के द्वारा बताया गया कि आमबागवानी के लिए जमीन की ढलान 8 प्रतिशत से कम हो एवं अधिक पथरीली मिटटी नहीं हो। ¨सचाई का साधन होना चाहिए। साथ ही कार्यशाला में बागवानी योजना के क्रियान्वयन आम बागवानी का मॉडल, लेआउट एवं खुदाई, घेरान पौधों की रोपाई, बागवानी के अंदर खेती वारी, आदि के संबंध में विस्तार पूर्वक बताया गया। कार्यशाला में बीपीओ जगदीश पंडित, सहायक अभियंता अजय कुमार अनुज, कनीय अभियंता, पंचायत सचिव, रोजगार सेवक व मुखिया मौजूद थे ।

Posted By: Jagran

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