जागरण संवाददाता, लोहरदगा : एक महीने तक पवित्र रमजान के महीने में अल्लाह की इबादत के बाद तोहफे के रूप में ईद का त्योहार होता है। ईद के त्योहार को लेकर जब बात दावतों की आती है, तो सबसे पहला नाम सेवईयों का आता है। इस बार भी ईद का त्योहार सेवई के स्वाद से ही मनाया जाएगा। भले ही दावत का न्योता किसी को न दिया गया हो, पर मुंह तो मीठा सेवई से ही होगा। ईद को लेकर बाजार में सेवई की दुकानें सज गई है। चोरी छिपे अस्थाई रूप से कपड़े की दुकान भी सजी हुई है, जहां पर लोग खरीददारी में जुटे हुए हैं। सेवई की खरीद-बिक्री को लेकर खूब रौनक नजर आ रही है। सेवई, टोपी, ईत्र की बिक्री के दौरान सरकार के नियमों का पालन करने का प्रयास किया जा रहा है। शहरी क्षेत्र के सोमवार बाजार, अमला टोली, बगडू मोड़, बड़ा तालाब आदि स्थानों में अलग-अलग प्रकार के सेवई की दुकानें सजी हुई है। जिसमें राउरकेला, रांची, धनबाद और पटना की सेवई खूब बिक रही है। सेवई की कीमत उसकी खूबी और स्वाद के अनुसार है। अपनी-अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार लोग सेवई की खरीददारी कर रहे हैं। हालांकि इस बार न तो दावते चलेंगी और न ही दूसरे लोगों को घर पर बुलाया ही गया है। इससे विगत वर्षों के मुकाबले इस वर्ष लोग सेवई, टोपी, ईत्र समेत अन्य सामानों की कम की खरीददारी कर रहे हैं। दुकानदार भी खरीददारी में कमी से कुछ निराश तो नजर आ रहे हैं, पर उन्हें खुशी है कि ईद का त्योहार तो त्योहार है। ईद का त्योहार भला बिना सेवई के कैसे मनाया जाएगा। ईद को लेकर बाजार में रौनक दिखाई दे रही है। जिला प्रशासन के वाहन लगातार घूम-घूमकर लोगों को बता रहे हैं कि शारीरिक दूरी के नियमों का पालन करना जरूरी है। कहीं त्योहार के उल्लास में हम बीमारियों को न्योता न दे दें। ऐसे समय में बाजार में रौनक और सतर्कता भी दिखाई दे रही है। इस बार ईद की नमाज ईदगाह में अदा नहीं की जाएगी। मस्जिदों में भी सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन होगा। ज्यादातर लोग अपने-अपने घरों में ही ईद का त्योहार मनाएंगे।