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3 महीने से मानदेय न मिलने पर लोहरदगा में सफाई कर्मी हड़ताल पर, त्योहार के मौसम में चरमराई सफाई व्यवस्था

Published: Wed, 30 Sep 2026 03:12 PM (IST)

लोहरदगा में पिछले चार दिनों से सफाई व्यवस्था चरमरा गई है, क्योंकि 65 आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारी तीन महीने से मानदेय न मिलने के कारण हड़ताल पर हैं।

हरदगा में सफाई कर्मी हड़ताल पर (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

हरदगा में सफाई कर्मी हड़ताल पर (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

HighLights

  1. लोहरदगा में 65 सफाई कर्मचारी चार दिन से हड़ताल पर।

  2. तीन माह से मानदेय न मिलने के कारण कर्मचारी नाराज।

  3. शहर में कचरे के ढेर से संक्रमण का खतरा बढ़ा।

जागरण संवाददाता, लोहरदगा। शहरी क्षेत्र में साफ-सफाई व्यवस्था पिछले चार दिनों से लगभग ठप है। स्थानीय निकाय कर्मचारी संघ के आह्वान पर आउटसोर्सिंग एजेंसी के 65 सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से शहर के विभिन्न इलाकों में कचरे का ढेर बढ़ता जा रहा है। इससे आम लोगों की परेशानी के साथ-साथ संक्रमण और गंदगी को लेकर चिंता भी बढ़ने लगी है। 

नगर परिषद के महज कुछ सफाई कर्मचारियों के भरोसे शहर के चुनिंदा हिस्सों में किसी तरह सफाई का काम कराया जा रहा है। सीमित कर्मचारियों के कारण पूरे शहर की नियमित सफाई संभव नहीं हो पा रही है। कई प्रमुख सड़कों, बाजार क्षेत्रों और मोहल्लों में जगह-जगह कूड़ा जमा है। 

तीन माह से मानदेय का भुगतान नहीं 

हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें पिछले तीन माह से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। अक्टूबर माह में उनका बकाया बढ़कर चार माह का हो जाएगा। लंबे समय से मानदेय नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों के समक्ष आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। 

उनकी समस्या के बावजूद आउटसोर्सिंग एजेंसी और नगर परिषद की ओर से अब तक ठोस पहल नहीं की गई है। शहर के थाना टोली रोड, बालिका विद्यालय क्षेत्र, तेतरतर, गुदरी बाजार, कचहरी मोड़, तिवारीदुरा रोड, कालेज रोड और न्यू रोड सहित कई स्थानों पर कचरा जमा है।

शहर की साफ-सफाई सबसे अहम जरूरत में से है। त्योहार का समय है। ऐसे में इस मामले में उदासीनता गंभीर विषय है। - प्रियंका कुमारी, गृहणी

शहर में सफाई की तो स्थिति नजर आ रही है, वह चिंतित करने वाला है। नगर परिषद को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए।गंदगी के कारण आम लोग परेशान हैं। - बीरेंद्र गुप्ता, स्थानीय निवासी

शहर में कचरे का ढेर बढ़ता जा रहा है। हर बार त्योहार के समय यही स्थिति होती है। लोगों की परेशानी की उपेक्षा की जा रही है। मामला बेहद गंभीर है। - दिवेश साहू, युवा सामाजिक कार्यकर्ता

लोग नगर परिषद को सफाई शुल्क देते है, तो उन्हें शहर की सफाई भी चाहिए। विवाद चाहे जो भी हो, इस मामले को लेकर लापरवाही गंभीर है। - शुभम जायसवाल, स्थानीय युवा

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