रांची और गुमला से भी पढ़ने आ रहे बच्चे, लोहरदगा के पीएम श्री बिटपी स्कूल में 12 की जगह 6 शिक्षकों के भरोसे पढ़ाई
पीएम श्री योजना के तहत लोहरदगा के बिटपी स्कूल में आधुनिक सुविधाएं मिलने से छात्रों की संख्या बढ़ी है और दूर-दराज से भी बच्चे पढ़ने आ रहे हैं।

लोहरदगा के पीएम श्री बिटपी स्कूल में 12 की जगह 6 शिक्षक
HighLights
पीएम श्री बिटपी स्कूल में आधुनिक सुविधाओं से शिक्षा में सुधार।
छात्रों की संख्या 793 से बढ़कर 1120 हुई, दूर-दराज से भी आगमन।
12 स्वीकृत शिक्षकों के मुकाबले 6 शिक्षक, गुणवत्ता पर असर।
राजेश प्रसाद गुप्ता, भंडरा (लोहरदगा)। केंद्र सरकार की पीएम श्री योजना के तहत भंडरा प्रखंड स्थित पीएम श्री उत्क्रमित उच्च विद्यालय बिटपी को आधुनिक और आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किया गया है। स्कूल में डिजिटल क्लास, इलेक्ट्रिकल क्लास, विज्ञान प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब और बेहतर पुस्तकालय जैसी सुविधाएं बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नई राह दिखा रही हैं। इन सुविधाओं का असर नामांकन पर भी पड़ा है।
योजना शुरू होने से पहले विद्यालय में 793 विद्यार्थी थे, जो अब बढ़कर 1120 हो गए हैं। हालांकि शिक्षकों की भारी कमी इस उपलब्धि के बीच बड़ी चुनौती बनी हुई है। विद्यालय में स्वीकृत शिक्षकों की 12 यूनिट के मुकाबले वर्तमान में महज छह शिक्षक ही कार्यरत हैं।
एक ही विद्यालय में प्राथमिक, उत्क्रमित और प्लस टू स्तर की कक्षाएं संचालित होने के कारण शिक्षकों पर काम का अतिरिक्त दबाव है। ऐसे में विद्यार्थियों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा प्रयोगशाला सहायक, आदेशपाल और क्लर्क के पद भी रिक्त हैं।
आधुनिक सुविधाओं से बदली विद्यालय की तस्वीर
पीएम श्री का दर्जा मिलने के बाद विद्यालय के बुनियादी ढांचे में व्यापक सुधार हुआ है। डिजिटल और इलेक्ट्रिकल क्लास के माध्यम से विद्यार्थियों को स्क्रीन और विजुअल्स के जरिए कठिन विषयों को समझाया जाता है। विज्ञान प्रयोगशाला और कंप्यूटर लैब में बच्चे प्रयोगात्मक शिक्षा के साथ तकनीकी ज्ञान और कोडिंग की बारीकियां सीख रहे हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं की भी तैयारी
विद्यालय की लाइब्रेरी में पाठ्यक्रम की पुस्तकों के साथ करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित किताबें उपलब्ध हैं। शिक्षक विद्यार्थियों को स्कूल स्तर से ही करियर काउंसिलिंग और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मार्गदर्शन दे रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्र और बैंकों का भ्रमण कराकर बच्चों को व्यावहारिक ज्ञान भी दिया जा रहा है।
विद्यालय की बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था के कारण रांची के बेड़ो क्षेत्र और गुमला जिले के विभिन्न गांवों के साथ सेन्हा प्रखंड के सिठियो गांव से भी विद्यार्थी यहां पढ़ने आ रहे हैं। सरकार के उद्देश्य को धरातल पर उतारना विद्यालय की प्राथमिकता है। हालांकि शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की कमी दूर हो जाए तो विद्यालय की उपलब्धियों को और गति मिल सकती है। - अजय तिर्की, प्रधानाध्यापक, पीएमश्री विद्यालय बिटपी
