जागरण संवाददाता, लोहरदगा : जिला परिवहन पदाधिकारी अमित कुमार बेसरा ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि किसी भी हाल में लोग बिचौलियों के चक्कर में ना पड़ें। जिला परिवहन कार्यालय में बिचौलियों के माध्यम से कोई भी काम नहीं होता है। यदि कोई व्यक्ति दावा करता है कि वह ज्यादा पैसे लेकर नियमों में शिथिलता या रियायत दिला सकता है तो यह पूरी तरह से गलत है। बिचौलियों की शिकायत करें, जिला परिवहन कार्यालय उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाही करेगा। लाइसेंस सहित अन्य कागजातों के निर्माण और यातायात नियम की जानकारी देते हुए जिला परिवहन पदाधिकारी ने कहा है कि व्हाट्सएप, फेसबुक में लोग गलत सूचना जारी करते हैं। बरगलाने वाले व्यक्ति के चक्कर में कभी भी न पड़ें। कार्यालय से सीधे संपर्क करें। अपनी परेशानी बताएं। परिवहन विभाग किसी भी प्रकार के सहयोग के लिए हमेशा समर्पित है। बिचौलियों के चक्कर में कभी भी ना पड़ें। परिवहन विभाग से लोग संपर्क कर सहयोग ले सकते हैं। उन्होंने कहा है कि जिला परिवहन कार्यालय में सरलीकरण के माध्यम से काम होता है। हर काम पारदर्शिता और नियम के अनुसार किया जा रहा है। दलाल से बचें और उनकी सूचना तुरंत दें। कार्यालय में कर्मचारियों की कमी थी, जिसे हल करने का प्रयास किया जा रहा है। सड़क सुरक्षा के कर्मचारियों को जिला परिवहन कार्यालय से हटा दिया गया है। अब उनके स्थान पर प्रधान सहायक को चार्ज दे दिया गया है। मोटरयान निरीक्षक अशोक कुमार सिंह भी नियमित रूप से लोहरदगा में अपनी सेवा दे रहे हैं। लोहरदगा और लातेहार 2 जिलों के प्रभार में होने के बावजूद एमवीआई निर्धारित समय में लोहरदगा में सेवा दे कर लोगों का सहयोग कर रहे हैं। जिला परिवहन पदाधिकारी ने कहा है कि यातायात नियमों के अनुपालन, समर्पण दिखाना बेहद जरूरी है। एमवी एक्ट में बदलाव के बाद लोग भ्रम की स्थिति में है। इसी वजह से लोगों को जागरूक किया जा रहा है। परिवहन नियमों के अनुपालन को लेकर कोई भी उदासीनता ना बरतें। यदि कोई व्यक्ति परिवहन नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है तो उसके खिलाफ नए नियम के अनुसार ही कार्रवाई होगी। सरकार ने कागजातों को दुरुस्त करने को लेकर समय दिया है ना कि नियमों को तोड़ने के लिए। जिला परिवहन पदाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल जिले के पास पेट्रोल पंप 4 पेट्रोल पंप में प्रदूषण जांच केंद्र की स्थापना हो चुकी है। जबकि शेष पेट्रोल पंप संचालकों को 5 दिन का समय केंद्र की स्थापना के लिए दिया जा रहा है। यदि 5 दिनों के भीतर प्रदूषण जांच केंद्र की स्थापना नहीं करते हैं तो फिर उनका लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाएगी। जिला परिवहन पदाधिकारी ने सुरक्षित और नियमों के अनुसार यातायात व्यवस्था को लेकर सभी से सहयोग करने की बात कही है। क्या है लाइसेंस बनाने का शुल्क

लोहरदगा : लाइसेंस बनवाने को लेकर निर्धारित शुल्क की जानकारी जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा दी गई है। जिसमें बताया गया है कि मोटरसाइकिल लर्निंग लाइसेंस के लिए 250 रुपये, कार के लिए 250 रुपये, मोटरसाइकिल एवं कार दोनों के लिए 500 रुपए, स्थाई लाइसेंस के लिए दो पहिया वाहन के लिए 700 रुपए, चार पहिया वाहन के लिए 700 रुपए,  दोपहिया और चार पहिया वाहन के लिए 1000 रुपए का शुल्क निर्धारित है। लाइसेंस नवीकरण शुल्क एवं द्वितीय प्रति निर्गत शुल्क के रूप में चालक अनुज्ञप्ति नवीकरण शुल्क 400 रुपए, चालक अनुज्ञप्ति द्वितीय प्रति निर्गत शुल्क 550 रुपए, अंतरराष्ट्रीय चालक अनुज्ञप्ति शुल्क 1000 रुपए निर्धारित है। जबकि आरसी स्मार्ट की 47.07 रुपए, डीएल/एलएल स्मार्ट फी 45.07 रुपए और एलएल प्रिटिग फी 28.21 रुपए निर्धारित है।

Posted By: Jagran

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