जागरण न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा : लोहरदगा : लोहरदगा जिले के अलग-अलग स्थानों से पुलिस ने मवेशी लदे दो ट्रक कंटेनर जब्त किए हैं। इनमें कुल 75 मवेशी लदे हुए थे। पहला मामला कुडू थाना क्षेत्र का है। जिसमें कुल 30 मवेशियों को जब्त किया गया है। जबकि दूसरा मामला लोहरदगा थाना क्षेत्र का है। जिसमें कुल 45 मवेशियों को जब्त किया गया है। कुडू थाना में मवेशियों को क्रूरता पूर्वक कंटेनर में लाद कर ले जाए जाने को लेकर मामला दर्ज किया गया है। जबकि लोहरदगा में गौ-वंशीय मवेशियों की तस्करी को लेकर पुलिस ने कार्रवाई की है। बताया जाता है कि लोहरदगा पुलिस को सूचना मिली थी कि कुडू के बड़की चांपी की ओर से एक ट्रक कंटेनर में मवेशी लाद कर उसे लोहरदगा की ओर लाया जा रहा है। जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सदर थाना क्षेत्र के कुटमू दोपट्टा चौक के समीप से ट्रक कंटेनर को रो कर जांच की तो उसमें मवेशी लदे हुए पाए गए। जबकि मौका पा कर ट्रक कंटेनर का चालक और खलासी फरार हो गए। सदर थाना पुलिस द्वारा जब्त मवेशियों को ग्रामीणों के जिम्मानामा कर दिया गया है। वहीं दूसरे मामले में कुडू थाना क्षेत्र के चांपी चौक के समीप से एक ट्रक कंटेनर में लदे हुए 30 मवेशियों को जब्त किया गया। पुलिस ने मौके पर दो लोगों को हिरासत में लिया है। जिनके नाम महेंद्र सिंह और गुलफाम अली बताया जा रहा है। कुडू थाना प्रभारी अनिल उरांव ने बताया कि कंटेनर संख्या यूपी78सिटी-2082 लोहरदगा से बिहार के बरणपुर जा रहा था। कई मवेशियों के मृत होने की बात भी सामने आ रही है। हालांकि कुडू थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक अनिल उरांव का कहना है कि वह अभियान में हैं, ऐसे में वह पूरे मामले को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे पाएंगे। वितरण व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल

लोहरदगा : लोहरदगा जिले में हाल के समय में मवेशियों की तस्करी के कई मामले सामने आए हैं। इन मवेशियों के वितरण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। मवेशियों को पालने को लेकर कई दावेदार खड़े हो जाते हैं। कुडू थाना क्षेत्र में इसी प्रकार का मामला सामने आया। जब लोहरदगा के इस्लाम नगर, कुरैशी मुहल्ला, किस्को के बगडू से भी लोग मवेशी लेने पहुंच गए थे। लोहरदगा सदर थाना पुलिस द्वारा वितरण मामले को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोहरदगा में भी इसी प्रकार की तस्वीर देखने को मिली। सूत्रों की मानें तो जिन तस्करों का मवेशी जब्त होता है, उनके ही लोग मवेशी लेने को लेकर पशुपालक बन कर सामने आ जाते हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि इसके लिए उन्हें पांच सौ रुपये दिए जाते हैं। हालांकि पुलिस की ओर से इसकी पुष्टि नहीं होती है, परंतु मवेशी को लेकर दावा करने वालों के नाम और चेहरे को लेकर पुलिस को जांच को लेकर गंभीर होने की स्थिति जरूर बन रही है। मवेशियों को रखने को लेकर पुलिस की कमजोरी और परेशानी का फायदा मवेशी तस्कर उठा रहे हैं।

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