'स्वर्ण' से लौटी बेटी! 7 साल पहले लापता डफली महाराष्ट्र से पहुंची घर, खुशी से झूम उठा परिवार
डफली उरांव, जिसे सात साल पहले मृत मानकर अंतिम संस्कार कर दिया गया था, महाराष्ट्र से वापस लोहरदगा अपने घर ...और पढ़ें

सात साल पहले मृत मानी गई डफली उरांव घर लौटी। जागरण
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सात साल पहले मृत मानी गई डफली उरांव घर लौटी।
2019 में लापता, परिवार ने मृत मानकर किया अंतिम संस्कार।
जागरण संवाददाता, लोहरदगा। लोहरदगा के कुटमू की रहने वाली डफली उरांव (42 वर्ष) अचानक से साल 2019 में गायब हो गई थी। घर वालों ने काफी खोजबीन की, परंतु उसका कोई भी पता नहीं चल सका। श्रद्धा की शादी साल 2005 में किस्को के आनंदपुर के रहने वाले लक्ष्मण उरांव के साथ हुई थी। लक्ष्मण और डफली उरांव का एक बेटा भी है।
वहीं लक्ष्मण उरांव की मौत 10 साल पहले हो चुकी है। फिलहाल डफली उरांव कुटमु स्थित अपने मायके में रह रही थी। काफी खोजबीन के बाद भी डफली उरांव का पता नहीं चला तो घर वालों ने सदर थाना पुलिस के पास आवेदन देकर मामले की जानकारी दी थी। जिसके एक साल के बाद अचानक से उन्हें पता चला कि कुडू में एक महिला का शव मिला है।
इसके बाद वह कुडू पहुंचे, जहां पर पुलिस द्वारा बताया गया कि एक महिला का शव मिला था। शव काफी खराब हालत में थी। उसका पोस्टमार्टम करने के बाद शव को दफना दिया गया है। पुलिस वालों ने परिवार के सदस्यों को कपड़े दिखाए, जिसके बाद परिवार के लोगों ने कपड़े से डफली उराव के रूप में पहचान की। घर लौट कर परिवार वालों द्वारा डफली उरांव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

इसी बीच अचानक से कुछ दिन पहले उन्हें जानकारी मिली थी डफली उरांव फिलहाल महाराष्ट्र में है और वहां एक संस्था लेकर उसे लोहरदगा आ रही है। इसके बाद शुक्रवार को महाराष्ट्र से श्रद्धावन फाउंडेशन के सदस्य लोहरदगा पहुंचे और उन्होंने डफली उरांव को सौंप दिया।
उन्होंने बताया कि साल 2022 में 7 जुलाई को ओडिसा के मिशन आसरा को डफली उरांव मिली थी। जिसके बाद उसका इलाज कराया गया था और बाद में उन्हें श्रद्धावन फाउंडेशन को सौंप दिया गया था। जहां उसका इलाज कराया गया। उसने बताया था कि उसका घर लोहरदगा के कुटमु में है। जिसके बाद उसे यहां लेकर लोहरदगा लाया गया है।
अपनी बेटी को घर में वापस देखकर घर वाले काफी खुश हैं। सबको आश्चर्य हो रहा है कि जो बेटी सात साल पहले मृत मान ली गई थी, वह अब अचानक से घर वापस आ गई है।
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