लोहरदगा : नक्सलियों के सफाया एवं ग्रामीणों को सुरक्षा मुहैया कराने के उद्देश्य से सुदूरवर्ती प्रखंड पेशरार में सोमवार को नवनिर्मित थाना का उद्घाटन किया गया। झारखंड सरकार द्वारा अधिसूचित पेशरार थाने का सांसद सह केंद्रीय मंत्री सुदर्शन भगत, झारखंड माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्रीचंद प्रजापति, उपायुक्त विनोद कुमार एवं पुलिस अधीक्षक राजकुमार लकड़ा ने फीता काटकर पेशरार थाना का उद्धाटन किया। इससे पहले केंद्रीय मंत्री सुदर्शन भगत के साथ डीसी-एसपी विधिवत तरीके से पूजा-अर्चना के बाद नारियल फोड़कर थाना का शुभारंभ किया। मौके पर सुदर्शन भगत ने कहा कि 18 साल बाद पेशरार में थाना की खुलने से इसकी पहचान मिली है। अब स्थानीय लोग थाने के कालम में पेशरार दर्ज कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि पेशरार में थाना बनने से स्थानीय लोगों को थाने से किसी काम के लिए दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। पेशरार प्रखंड क्षेत्र में उग्रवाद व अपराध पर अंकुश लगेगा, स्थानीय लोग चैन की ¨जदगी बिताएंगे। मंत्री ने कहा कि ग्रामीणों के विकास एवं सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन कटिबद्ध है, लेकिन यह तभी संभव है जब ग्रामीण भी सरकारी योजना को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन के साथ कदम से कदम मिलाकर चलें। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा के साथ विकास में सहयोग करना पुलिस का दायित्व है। गांव के विकास में सबसे बड़े बाधक नक्सली एवं उग्रवादी हैं जो गांव के साथ ग्रामीणों के संपूर्ण विकास को रोक रखे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के समूचित विकास के लिए ग्रामीण पुलिस का सहयोग करें। नक्सलियों एवं अराजक तत्वों का संपूर्ण उन्मूलन कर उन्हें मुख्य धारा में लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पेशरार में ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए पिकेट को थाना में तब्दील किया गया है। यहां के लोग थाने में बेहिचक अपनी समस्या लेकर पहुंचे ताकि उनकी समस्या का समाधान किया जा सके। मौके पर मंत्री सुदर्शन भगत के साथ झारखंड माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्रीचंद प्रजापति, डीसी विनोद कुमार, एसपी राज कुमार लकड़ा, एसडीपीओ अर¨वद कुमार वर्मा, डीएसपी आशिष कुमार महली, पेशरार बीडीओ संजय सांडिल्य, प्रशिक्षु डीएसपी नूर मुस्तफा, इंस्पेक्टर संजय कुमार ¨सह, किस्को थाना प्रभारी अनिल कुमार तिवार पेशरार थाना प्रभारी जयप्रकाश, पूर्व विधायक रमेश उरांव, ओम प्रकाश ¨सह, बालकृष्णा ¨सह आदि उपस्थित थे। नक्सलियों का मांद माना जाता था पेशरार

लोहरदगा : जिले के जंगली-पहाड़ी गांव के बीच में बसे पेशरार नक्सलियों का मांद समझा जाता था। यहां नक्सलियों का सामांतर सरकार चलती थी, लेकिन केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा नक्सली उन्मूलन कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों के सहयोग से पेशरार को नक्सल मुक्त करने की दिशा में सार्थक पहल की शुरूआत हुई जिसका प्रतिफल यह निकला की यह क्षेत्र नक्सलमुक्त हुआ। इसके साथ लोगों की सुरक्षा और विकास के लिए नया थाना स्थापित किया गया।

Posted By: Jagran

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