लोहरदगा : जिला मनरेगा कर्मचारी संघ ने अपनी पांच सूत्री मांगों को ले आहूत सांकेतिक हड़ताल के दूसरे दिन बुधवार को भी समाहरणालय के समक्ष धरना प्रदर्शन देते हुए अपनी मांगे रखीं। मौके पर जिलाध्यक्ष विनोद कुमार नायक ने कहा कि मनरेगा कर्मी अल्प मानदेय पर काम करने को बाध्य हैं, परंतु सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। वहीं समय-समय पर बर्खास्तगी का फरमान सुना दिया जाता है। ऐसी परिस्थिति में मनरेगा कर्मियों को अपना और अपने परिवार का पेट चलाना भी मुश्किल हो जाता है। बुधवार को समाहरणालय के समक्ष सामूहिक धरना देते हुए सरकार को अपनी पांच सूत्री मांगों के संबंध में ध्यान आकृष्ट कराने का प्रयास किया। तीन दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के माध्यम से मनरेगा कर्मी अपनी पांच सूत्री मांगों से सरकार को अवगत करना चाहते हैं, ताकि सरकार मनरेगा कर्मियों की सुध लेते हुए

उनकी पांच सूत्री मांगों पर ध्यान दे। मनरेगा कर्मियों की पांच सूत्री मांगों में समान कार्य के लिए समान वेतन, विगत 10 वर्षों से कार्यरत मनरेगा कर्मियों की बर्खास्तगी पर रोक, ग्रामीण विकास की सेवा में मनरेगाकर्मियों को आरक्षण, मनरेगा के अलावे अन्य किसी भी प्रकार का कार्य नहीं कराने, उच्चाधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासन का पूर्ण पालन की मांग की गई है। मौके पर विश्वनाथ भगत, रघुनाथ मुंडा, निलेंद्र, अभिषेक, राजकिशोर राम, विजय साहू, लक्ष्मण देव, शेखर, परवेज अख्तर, संजय साहू, कृष्णा राम, समसुल, सकील अख्तर, शिवदयाल उरांव, निलेंद्र कुमार, रघुनाथ मुंडा, अर¨वद रोशन, राजीव कुमार, अंजू कुजूर, राजमनी ¨मज, कमल टोप्पो, संगीता कुमारी, शिवदयाल उरांव आदि मौजूद थे।

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