जागरण संवाददाता, लोहरदगा : उपायुक्त दिलीप कुमार टोप्पो की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला खाद्य सुरक्षा परामर्शी समिति की बैठक हुई। इसमें अनुमंडल पदाधिकारी अरविद कुमार लाल द्वारा समिति की उपलब्धियों से अवगत कराया गया। इसमें डीसी को जानकारी दी गई कि एफएसएसएआइ रजिस्ट्रेशन लाइसेंस के अंतर्गत लोहरदगा जिला में अब तक 602 दुकानदारों का पंजीकरण करा लिया गया है। जिले के 104 दुकान हैं, जो सक्रिय अनुज्ञप्ति प्राप्त हैं। अनुज्ञप्ति के लिए पंजीकरण से प्राप्त राजस्व कुल दो लाख 15 हजार 600 रुपये है। वहीं अनुज्ञप्ति से कुल छह लाख 38 हजार 200 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। अर्थदंड, चालान से कुल दो लाख 29 हजार दो सौ रुपये की आय प्राप्त हुई है। वहीं 32 खाद्य कारोबारियों का हाइजीन रेटिग ऑडिट सफलतापूर्वक कराया जा चुका है। जिसमें दस को प्रमाण पत्र दे दिया गया है। कुल 386 खाद्य कारोबारियों एवं आंगनबाड़ी सहिया, रसोईया को फूड सेफ्टी ट्रेनिग एवं सर्टिफिकेशन का प्रशिक्षण दिया गया है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच के लिए कुल 74 दुकानों से खाद्य पदार्थों का नमूना इकट्ठा कर जांच के लिए कोलकाता व रांची भेजा गया है। बैठक में उपायुक्त ने कहा कि सभी होटल, रेस्तरां, ढाबा आदि में कोविड के संक्रमण को देखते हुए नियमित रूप से साफ-सफाई से संबंधित आवश्यक जांच एवं राज्य सरकार एवं एफएसएसआइ द्वारा निर्धारित सभी मापदंडों का समुचित पालन कराएं व कार्रवाई भी करें। इसके लिए दंडाधिकारियों की भी प्रतिनियुक्ति कर जांच अभियान चलाएं। अवैध तरीके से बिना एफएसएसएआई लाइसेंस के सड़क किनारे बिक रहे मीट, चिकेन एवं मछली विक्रेताओं पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाने व उनके द्वारा एफएसएसएआइ द्वारा निर्धारित मापदंडो का पालन कराए जाने का निर्देश दिया गया। तंबाकू युक्त निकोटिन प्रतिबंधित पान मसालों, रजनीगंधा, पान पराग, बिमल, बहार, शिखर, दिलरूबा, राजनिवास, मुसाफिर, मधु, सेहरत, पान पराग प्रीमियम की बिक्री, भंडारण व सेवन पर पूर्णत: प्रतिबंध लगाए जाने का निर्देश दिया गया। आवासीय विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्र, कस्तूरबा बालिका विद्यालय, रिमांड होम एवं जेल में आपूर्ति किए जा रहे खाद्य पदार्थों की नियमित जांच कराने का निर्देश दिया गया। विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को एफएसएसएआइ द्वारा जारी येलो बुक के बारे विस्तृत जानकारी दिए जाने का निर्देश जिला शिक्षा अधीक्षक को दिया गया। शहरी क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड से पीने का पानी, भोजन पकाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले पानी आदि के एक-एक नमूने की जांच कराए जाने का निर्देश दिया गया। जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि स्वास्थ्य की रक्षा के लिए किसानों को अपने कृषि कार्य में कम से कम रसायनिक उर्वरकों का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करें। बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी अरविद कुमार लाल, सिविल सर्जन डॉ. संजय कुमार सुबोध, जिला कृषि पदाधिकारी शिव कुमार राम, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी मनीषा तिर्की, उत्पाद अधीक्षक संजय श्रीवास्तव, जिला उद्योग महाप्रबंधक नीलिमा केरकेट्टा आदि मौजूद थे।

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