जागरण संवाददाता, लोहरदगा : उपायुक्त दिलीप कुमार टोप्पो ने किसान बंधना उरांव के उनके पारंपरिक खेती के बीजों को संरक्षित करने के कारण नई दिल्ली में सम्मानित होने के उपलक्ष्य में जिले की ओर से सम्मानित कर उन्हें बधाई दी गई। साथ में उन्हें खेती में और उन्नति करने की सलाह भी दी गई। उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि जिले द्वारा हर संभव कृषि कार्य को उत्कृष्ट बनाने के लिए उन्हें मदद किया जाएगा। डीसी ने दूसरे किसानों को प्रोत्साहित किया। इस संदर्भ में पौधा, किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण अधिनियम 2001 के तहत पौधा किस्मों, किसानों एवं पादप प्रजनकों के अधिकारों के संरक्षण के लिए एक प्रभावकारी प्रणाली की स्थापना करता है और पौधों की नई किस्म के विकास को प्रोत्साहित करता है। इस अधिनियम के तहत किसानों द्वारा या किसी भी समुदाय या समूह के द्वारा पारंपरिक खेती के बीजों को संरक्षित करने के द्वारा अनुवांशिक संसाधनों के संरक्षण, सुधार और उपलब्ध कराने पर उन बीजों का पंजीयन अधिनियम के तहत पंजीयन कराया जाता है, साथ ही उन पंजीकृत बीजों को निर्धारित मात्रा के अनुसार जमा कराया जाता है। जमा करने के उपरांत उन बीजों की खेती कर रिसर्च स्टेशन पर टेस्ट किया जाता है। यह उनकी गुणवत्ता के आधार पर बीजों का चुनाव कर संरक्षित करने वाले किसान को पादप जीनोम संरक्षक कृषक सम्मान से सम्मानित किया जाता है। लोहरदगा जिले के बंजार किस्को निवासी किसान बंधना उरांव को उनके पारंपरिक नौ प्रकार के बीजों विभिन्न धान, पपीता, लौकी, मूंगफली, लहसुन, लोटनीं, राई, मकई, कोहड़ा को लंबे समय से संरक्षित करने एवं बीजों के अनुवांशिक संसाधनों के संरक्षण एवंम बढ़ावा देने के कारण पादप जीनोम संरक्षण किसान सम्मान पुरुस्कार से विगत 11 नवंबर 2021 को एपी शिदे सिपोजियम हॉल नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा डेढ़ लाख रुपये नकद, प्रशंसा पत्र एवं एक स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

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