संवाद सूत्र, चंदवा: प्रकृति पर्व करमा की चंदवा में भी धूम रही। करम वृक्ष के रूप में साल या केंदु की डालियां आंगन और अखड़ा लगा कर आराधना की गई। उपवास रखा गया। मौसमी फूल-फल, चूड़ा-खीरा, चावल, दूध, जावा फूल (अंकुरित बीज) आदि चढ़ाए गए। पाहन द्वारा करम-धरम की कथा सुनी। करमा के अवसर पर आदिवासी युवक-युवतियां ढोल और मांदर की थाप पर झूमते व थिरकते देखे गए। कलात्मक रूप से सजाए गए बर्तन में कुछ दिन पूर्व डाले गए जौ से बने जावा को आदिवासी युवतियां अपने बालों में गूंथकर झूमती-नाचती दिखी।

Posted By: Jagran

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