बारिश में नेतरहाट का बदला रूप देख रह जाएंगे दंग, धुंध में छिपी पहाड़ियां और हरियाली का ऐसा नजारा नहीं देखा होगा
नेतरहाट इन दिनों वर्षा ऋतु में अपनी अनुपम सुंदरता बिखेर रहा है, जहाँ गहरी हरियाली और बादलों से ढकी पहाड़ियाँ ...और पढ़ें

वर्षा में नेतरहाट की हरियाली और धुंध का जादू।
HighLights
वर्षा में नेतरहाट की हरियाली और धुंध का जादू।
दिन में प्रकृति का खुला आलिंगन, शाम में रहस्य।
उत्कर्ष पाण्डेय, लातेहार। झारखंड की रानी नेतरहाट ने इन दिनों वर्षा में जैसे प्रकृति का सबसे खूबसूरत परिधान पहन लिया है। चारों ओर गहरी हरीतिमा, वर्षा से निखरी धरती और पहाड़ियों के बीच धीरे-धीरे सरकती धुंध... सामने का दृश्य ऐसा कि कुछ पल के लिए समय भी ठहरता हुआ महसूस हो।
कैमरे में कैद तस्वीर में दूर तक फैले हरे खेतों के पीछे पहाड़ियां बादलों की सफेद चादर में लिपटी दिखाई दे रही हैं। कहीं पहाड़ स्पष्ट है तो कहीं धुंध ने उसे अपनी बाहों में छिपा रखा है। ऐसा लगता है मानो आसमान धरती के और करीब आने के लिए बादलों को पहाड़ों की ओर भेज रहा हो। यह नेतरहाट का वह रूप है, जिसे देखने के बाद तस्वीर सिर्फ तस्वीर नहीं रहती, एक याद बन जाती है।

धुंध की लुका-छिपी व हरियाली का नशा
वर्षा के साथ नेतरहाट की खूबसूरती में जो सबसे बड़ा बदलाव आता है, वह है धुंध का जादू। पहाड़ियों के बीच तैरती सफेदी कभी घाटी को ढक लेती है तो अगले ही पल हवा के साथ खिसककर किसी दूसरी पहाड़ी को अपने आगोश में ले लेती है।
नीचे खेतों की हरी चादर और ऊपर बादलों से खेलती पहाड़ियां प्रकृति ने जैसे बिना किसी रंगमंच के ऐसा दृश्य रच दिया हो, जिसे देखने के लिए किसी विशेष आयोजन की जरूरत ही नहीं।

हवा में भीगी मिट्टी की खुशबू, चारों ओर फैली हरियाली और पहाड़ों से आती ठंडक मन को शहर की भागदौड़ से खींचकर सीधे प्रकृति की गोद में बैठा देती है। यहां पहुंचकर मोबाइल की घंटी भी खलने लगती है और मन कहता है कुछ देर दुनिया को रहने दो, पहले इस खूबसूरती को जी लें।
ढलती शाम में बदला रंग, धुंध ने ओढ़ाया रहस्य
दिन का उजाला धीरे-धीरे विदा हुआ तो नेतरहाट ने अपना दूसरा चेहरा सामने रख दिया। पहाड़, वही धुंध, लेकिन रंग बिल्कुल अलग। ढलती शाम की तस्वीर में पहाड़ गहरे अंधेरे की ओर बढ़ते दिखाई देते हैं और उनके बीच सफेद धुंध रहस्यमयी लकीरों की तरह तैर रही है।

ऊपर सांझ का धुंधलका और नीचे अंधेरे में टिमटिमाती रोशनियां दृश्य को ऐसा रोमांच देती हैं, जैसे प्रकृति ने दिनभर की चंचलता छोड़कर अब कोई गहरी कहानी सुनाने का फैसला कर लिया हो। दिन में जो पहाड़ आंखों को सुकून देते हैं, वही शाम में कल्पना को पंख लगा देते हैं। कुछ पल तक इस दृश्य को देखते रहने पर लगता है कि धुंध के उस पार कोई अनदेखी दुनिया छिपी है, जो बस थोड़ी देर और रुकने का निमंत्रण दे रही है।
वाकई वर्षा ऋतु में नेतरहाट बहुत सुंदर नजर आ रहा है। मैं कुछ दिनों पहले गया था, मनमोहक दृश्यों को मैने देखा और महसूस किया है। उपायुक्त महोदय से भी चर्चा हुई है इसके विकास के लिए जिला प्रशासन यादगार कार्य करेगा।
-सैय्यद रियाज अहमद, उपविकास आयुक्त लातेहार।
नेतरहाट बहुत ही शानदार जगह है यहां विकास की बहुत संभावना है। डीडीसी समेत अन्य पदाधिकारियों से यहां के विकास को लेकर बातें हुई हैं, कार्ययोजना बन रही है यहां हमलोग सामूहिक प्रयास से अच्छा कार्य करेंगे।
-संदीप कुमार, उपायुक्त लातेहार।
