लातेहार में देवदूत बने वनकर्मी: मंडल डैम क्षेत्र में उफनती नदी के बीच फंसे ग्रामीणों को बांस और रस्सी के सहारे सुरक्षित निकाला
लातेहार के मंडल डैम क्षेत्र में भारी बारिश से उफनती नदियों के बीच फंसे ग्रामीणों को वन विभाग की टीम ने बांस और रस्सी के सहारे सुरक्षित बाहर निकाला।

प्रतीकात्मक तस्वीर।(AI Generated Image)
HighLights
लातेहार के मंडल डैम क्षेत्र में बाढ़ से फंसे ग्रामीण।
वन विभाग ने बांस और रस्सी से किया रेस्क्यू।
वनकर्मियों के साहस की स्थानीय लोगों ने की सराहना।
जासं, लातेहार। लातेहार जिले के मंडल डैम क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। ऐसे मुश्किल हालातों में वन विभाग की टीम ने अदम्य साहस का परिचय दिया।
टीम ने बिना आधुनिक संसाधनों के, उपलब्ध बांस और रस्सी के सहारे एक बेहद जोखिम भरा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर पानी के बीच फंसे ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
रास्ते डूबे तो बांस बना सहारा, रस्सी बनी सुरक्षा कवच
मंडल डैम क्षेत्र में बारिश के चलते उत्तरी कोयल और उसकी सहायक नदियां रौद्र रूप धारण कर चुकी हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है।
ग्रामीणों के फंसे होने की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने बिना देर किए मौके का रुख किया। रास्ते पूरी तरह पानी में डूब चुके थे और नदी का बहाव इतना तेज था कि नाव या सामान्य तरीके से वहां पहुंचना नामुमकिन था।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वनकर्मियों ने स्थानीय संसाधनों का इस्तेमाल किया। उन्होंने बांस और रस्सी की मदद से पानी के बीच अस्थायी रास्ता तैयार किया।
तेज बहाव के बीच बांस को मजबूती से टिकाया गया और रस्सी का सुरक्षा कवच बनाकर वनकर्मी बेहद सावधानी से उफनते पानी में आगे बढ़े।
एक-एक कर सुरक्षित निकाले गए ग्रामीण
वनकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर सबसे पहले फंसे हुए ग्रामीणों तक अपनी पहुंच बनाई। इसके बाद तेज धार के बीच एक-एक कर ग्रामीणों को रस्सी के सहारे सुरक्षित स्थान पर लाने का सिलसिला शुरू हुआ।
हर कदम पर नदी की तेज धार से मुकाबला था, लेकिन वनकर्मियों की तत्परता और साहस के आगे उफनती नदी भी पस्त हो गई। कड़ी मशक्कत के बाद सभी ग्रामीणों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया।
स्थानीय निवासियों ने वन विभाग की इस तत्परता और साहसिक कदम की जमकर सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वनकर्मी समय पर बांस और रस्सी के सहारे यह कदम नहीं उठाते, तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
