लातेहार में भावुक कर देने वाली घटना! पत्नी की मौत के 15 दिन बाद पति ने भी छोड़ी दुनिया, जिंदगीभर का साथ रहा कायम
93 वर्षीय कृष्ण मुरारी सिंह अपनी पत्नी संध्या रानी देवी की मौत का सदमा नहीं सह सके और उनके निधन ...और पढ़ें

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HighLights
93 वर्षीय पति ने पत्नी की मौत के 15 दिन बाद प्राण त्यागे।
लातेहार के चंदवा में पति-पत्नी की मौत से गहरा शोक।
संवाद सूत्र, चंदवा (लातेहार)। पत्नी के बिछड़ने का गम शायद 93 वर्षीय कृष्ण मुरारी सिंह के दिल पर इतना गहरा था कि वह लंबे समय तक इस सदमे को सह नहीं सके। पत्नी की मौत के महज 15 दिन बाद शुक्रवार को कृष्ण मुरारी सिंह ने भी दुनिया को अलविदा कह दिया। पति-पत्नी की इतने कम अंतराल में हुई मौत से स्वजन गहरे सदमे में हैं, वहीं पूरे गांव में शोक की लहर है।
जानकारी के अनुसार, पांच अगस्त को कृष्ण मुरारी सिंह की पत्नी संध्या रानी देवी का देवनद-दामोदर मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया गया था। पत्नी के निधन के बाद कृष्ण मुरारी सिंह ने अंतिम संस्कार से जुड़ी सभी रस्में पूरी कीं। बताया गया कि 16 अगस्त को उन्होंने पत्नी के निधन के बाद भोज-भंडारा भी कराया था। हालांकि, पत्नी के जाने का गहरा सदमा उनके मन में बना रहा।
नाश्ता करने के बाद आराम करने गए, फिर नहीं उठे
शुक्रवार की पूर्वाह्न कृष्ण मुरारी सिंह ने सामान्य रूप से नाश्ता किया। इसके बाद वह आराम करने के लिए अपने बिछावन पर चले गए। कुछ देर बाद जब काफी समय तक उनकी कोई हलचल नहीं हुई तो घर में मौजूद उनके बड़े पुत्र उदय सिंह ने उन्हें आवाज लगाई।
कोई जवाब नहीं मिलने पर उदय सिंह पिता के पास पहुंचे। वहां उन्हें निश्चल अवस्था में देखकर उनके होश उड़ गए। कृष्ण मुरारी सिंह का निधन हो चुका था। उनकी अचानक मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर जुट गए।
15 दिन में उठीं पति-पत्नी की अर्थियां
करीब 15 दिन पहले जिस घर से संध्या रानी देवी की अर्थी उठी थी, उसी घर से अब कृष्ण मुरारी सिंह की अंतिम यात्रा की तैयारी होने लगी। लगातार दो मौतों ने परिवार के दुख को और गहरा कर दिया है। पति-पत्नी के बीच वर्षों के साथ का इस तरह अचानक खत्म होना हर किसी को भावुक कर गया।
ग्रामीणों के बीच दिनभर यही चर्चा होती रही कि जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाने वाले कृष्ण मुरारी सिंह और संध्या रानी देवी शायद मौत में भी एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ सके।
गांव में शोक की लहर
कृष्ण मुरारी सिंह के आकस्मिक निधन की खबर से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण और शुभचिंतक उनके घर पहुंचे और स्वजनों को सांत्वना दी। शनिवार को उनके शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
उनके निधन पर रामयश पाठक, राजेश चंद्र पांडेय, लाल मनोज नाथ शाहदेव, हरिनंदन दुबे, राजू सिंह, निर्मल भारती, असगर खान, महेंद्र साहू, अजय जायसवाल, सुधीर प्रसाद, लाल अमित, संजीव आजाद पप्पू, लाल राघवेंद्र, अजय वैद्य, दीपक भगत समेत अन्य लोगों ने गहरी शोक संवेदना व्यक्त की।
