झारखंड-छत्तीसगढ़ सीमा पर पुलिस का सख्त पहरा, नक्सल और तस्करों पर शिकंजे की तैयारी
झारखंड और छत्तीसगढ़ पुलिस ने सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध, नक्सलवाद और अवैध तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए महुआडांड़ में एक अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक की।

महुआडांड़ थाना परिसर में अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक। फोटो जागरण
HighLights
झारखंड-छत्तीसगढ़ पुलिस ने सीमा सुरक्षा पर की बैठक।
नक्सल गतिविधियों, अवैध तस्करी पर अंकुश लगाने पर जोर।
बेहतर तालमेल, संयुक्त अभियान से अपराध नियंत्रण होगा।
संवाद सूत्र, महुआडांड़ (लातेहार)। जंगलों की दुर्गम पगडंडियों से लेकर अंतर्राज्यीय सीमा के संवेदनशील रास्तों तक, सुरक्षा की चुनौती का सामना अब दोनों राज्यों की पुलिस मिलकर करेगी।
झारखंड और छत्तीसगढ़ की सीमा पर अपराधियों की गतिविधियों पर अंकुश लगाने, नक्सल गतिविधियों पर निगरानी रखने और अवैध तस्करी पर लगाम कसने के उद्देश्य से महुआडांड़ थाना परिसर में अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में दोनों राज्यों की पुलिस के अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया। बैठक की अध्यक्षता महुआडांड़ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के कुसमी के पुलिस उपाधीक्षक ने संयुक्त रूप से की।
इसमें कुसमी, करौंधा और सामरी थाना के थाना प्रभारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य सीमावर्ती थानों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना और अपराध नियंत्रण के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करना था।
सूचनाओं की साझेदारी से अपराधियों की घेराबंदी
सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान महत्वपूर्ण माना गया।
बैठक में तय किया गया कि दोनों राज्यों की पुलिस आपसी समन्वय के साथ संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखेगी। जरूरत पड़ने पर संयुक्त अभियान चलाकर अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
नक्सल गतिविधियों पर निगरानी, अवैध तस्करी की रोकथाम और अपराध नियंत्रण को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। सीमावर्ती इलाकों में नियमित गश्त करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने पर बल दिया गया।
सीमा के आर-पार एकजुटता, सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
अंतर्राज्यीय सीमा पर अपराध नियंत्रण की चुनौती किसी एक थाने या राज्य तक सीमित रहकर प्रभावी ढंग से हल करना कठिन हो सकता है। ऐसे में दोनों राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर समन्वय सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
बैठक में निर्धारित बिंदुओं का अनुपालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और आवश्यकता के अनुसार संयुक्त कार्रवाई करने की रणनीति पर सहमति जताई।
महुआडांड़ एसडीपीओ पूजा कुमारी ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना है।
दोनों राज्यों की पुलिस के बीच समन्वय जितना मजबूत होगा, अपराधियों के लिए सीमा का लाभ उठाकर बच निकलना उतना ही कठिन होगा।
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