लातेहार, जासं।  लातेहार जिले के मनिका थाना क्षेत्र स्थित सेमरहत गांव में एक हृदय विदारक घटना घटी। खुद को तांत्रिक बताने वाले एक व्यक्ति ने दो मासूमों की बलि दे दी और उनका सिर को लेकर फरार हो गया। धड़ को तांत्रिक ने बालू में गाड़ दिया था जिन्हें बरामद कर लिया गया है। तांत्रिक को गिरफ्तार कर लिया गया है लेकिन सिर नहीं मिले हैं। बच्चे दो दिनों से लापता थे।

जानकारी के अनुसार ग्रामीणों को गुरुवार की सुबह गांव में सुनील उरांव के घर के पास स्थित बालू के ढेर में किसी बच्चे कापैर दिखा। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब बालू का ढेर हटाया तो उसमें गांव के दो बच्चे वीरेंद्र उरांव के बेटे निर्मल उरांव (8 वर्ष) एवं बिहारी उरांव की बेटी शीला कुमारी (6 वर्ष) का सिर कटा शव मिला। पुलिस की टीम ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद आसपास के गांवों की भारी भीड़ मौके पर पहुंच गई।

मोबाइल लाने आरोपित के घर गया था बच्चा
वीरेंद्र उरांव ने पुलिस को बताया कि सुनील उरांव खुद को तांत्रिक बताता था। उसने ही अपनी तंत्र साधना के लिए बच्चों की हत्या की है। बकौल वीरेंद्र, मंगलवार को उसके मोबाइल पर किसी का फोन आया और उसने कहा कि सुनील उरांव से बात करा दें। सुनील को उसने मोबाइल बात करने के लिए दिया। बात करने के बाद सुनील ने यह कहते हुए मोबाइल रख लिया कि वह सुबह मोबाइल दे देगा। बुधवार की सुबह बेटे निर्मल को फोन लाने के लिए सुनील के पास भेजा। निर्मल मोबाइल लेकर नहीं आया तो वह बाइक से सुनील के घर गया, इस पर उसने जवाब दिया कि निर्मल तो मोबाइल लेकर चला गया।

सुनील ने थोड़ी देर में आने की बात कहकर मेरी बाइक मांगी और कहीं चला गया। कुछ घंटे बाद जब सुनील के घर पहुंचा तो देखा कि वह अंदर से घर बंद कर पूरे घर को पानी से धो रहा है। आवाज लगाने पर कहा कि वह नहा रहा है, इसके बाद से ही वह घर में ताला बंद कर लापता हो गया। गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने जब एक बच्चे के शव की बात बालू के ढेर में होने की कही तो पुलिस को सूचना दी। जब बालू हटाया गया तो कलेजा फटा रह गया। बालू के नीचे मेरे जिगर के टुकड़े का शव व बिहारी उरांव की बेटी शीला की सिर कटी लाश थी। शीला के पिता बिहारी उरांव का भी रो-रोकर बुरा हाल था। वह कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं थे।

आरोपित के घर का ताला तोडऩे पर जगह-जगह मिले खून के धब्बे
मौके पर पहुंची पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया। सुनील उरांव के बंद घर के ताले को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में तोड़ा गया। घर में कई स्थानों पर खून के छींटे और रक्त से सने कपड़े बरामद किए गए। फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की टीम ने भी जगह-जगह से नमूने लिए हैं। जानकारी मिलने पर जिला मुख्यालय से लातेहार एसडीएम जेपी झा, एसडीपीओ वीरेंद्र राम समेत कई पदाधिकारियों की टीम घटनास्थल पर पहुंची और घटना का विस्तृत ब्योरा लिया।

सुनील उरांव ने अंधविश्वास के फेर में दो बच्चों की बलि दी है और अपने घर के पीछे रखे बालू के ढेर में गाड़ दिया। उसे कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। राजेंद्र उरांव, मुखिया। 

दो बच्चों की सिर कटा शव बरामद किया गया है। मामला तंत्र मंत्र में हत्या का प्रतीत हो रहा है। दोनों बच्चों का सिर नहीं मिला है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रभाकर मुंडा, थाना प्रभारी मनिका।

Posted By: Alok Shahi

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