हेरहंज : प्रखंड सभागार में बाल विवाह उन्मूलन को लेकर वेदिक सोसाइटी, यूनिसेफ झारखंड एवं प्रखंड प्रशासन के संयुक्त रूप में कंसल्टेशन बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख कौशिल्या देवी ने की। मौके पर उन्होंने कहा कि बाल विवाह समाज के लिए एक कलंक है और बच्चों पर एक जुल्म है। इसे समाप्त करना है और हम सभी का मानवीय कर्तव्य बनता है कि लोगों के बीच जागरूकता लायें और बाल विवाह रोकें। जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी रीना कुमारी ने बाल संरक्षण के संरचना पर चर्चा करते हुई कहा कि बाल शोषण को रोकने के लिए प्रत्येक जिले में बाल कल्याण समिति का गठन किया गया है और प्रत्येक थाना में बाल कल्याण पुलिस पदाधिकारी नियुक्त किया गया है और अभी झारखंड सरकार की ओर से जरुरत मंद बच्चों को स्पेंशरशिप के तहत दो हजार दिया जाएगा। बैठक को संबोधित करते हुए उमेश कुमार ने कहा कि सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं व कानूनों को जमीनी स्तर पर लागू कराना है साथ ही नए तरीके भी के माध्यम से जागरूकता फैलानी है। ट्रे¨नग ऑफिसर विकास कुमार ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणामों को साझा किया और बताया कि लातेहार जिला और झारखंड राज्य में बाल विवाह को औसत दर 37 के लगभग है। इस मौके पर वेदिक सोसायटी के योगेन्द्र ¨सह, उमेश प्रजापति एवं अजय प्रताप देव शामिल थे।

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Posted By: Jagran