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ममता की मिसाल: खुद डूबकर दोनों बेटियों को बचा ले गई मां, कोडरमा के असराइन डैम में हृदयविदारक हादसा

Published: Wed, 29 Apr 2026 01:32 PM (IST)Updated: Wed, 29 Apr 2026 06:12 PM (IST)

सतगावां थाना क्षेत्र के असराइन डेम में कपड़े धोते समय एक महिला की डूबने से मौत हो गई। महिला अपनी ...और पढ़ें

कोडरमा के असराइन डेम में महिला की डूबने से मौत, बेटियों को बचाया। (फोटो: जागरण)

कोडरमा के असराइन डेम में महिला की डूबने से मौत, बेटियों को बचाया। (फोटो: जागरण)

HighLights

  1. असराइन डेम में कपड़े धोते समय महिला डूबी।

  2. अपनी दो बेटियों को डूबने से बचाया, खुद मरी।

  3. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।

संवाद सूत्र जागरण , सतगावां (कोडरमा)। कहते हैं 'मां' के लिए उसके बच्चों की जान से बढ़कर कुछ नहीं होता। कोडरमा जिले के सतगावां में एक मां ने इस बात को अपनी शहादत से साबित कर दिया। माधोपुर पंचायत के असराइन डैम में बुधवार को एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने सुनने वाले हर शख्स की आंखें नम कर दीं।

खुद काल के गाल में समा गई, पर बच्चों को दे दी जिंदगी

हादसा उस वक्त हुआ जब लेम्बो निवासी सरिता देवी (35 वर्ष) अपनी दो मासूम बेटियों के साथ असराइन डैम में कपड़े धोने गई थीं। कपड़े धोने के दौरान अचानक सरिता का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी की ओर खिंचती चली गईं। 

अपनी मां को डूबता देख दोनों बेटियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव और गहराई जानलेवा थी। सरिता ने महसूस किया कि उन्हें बचाने के चक्कर में उनकी बेटियां भी डूब सकती हैं।

उस अंतिम क्षण में 'ममता' ने हार नहीं मानी। सरिता ने अपनी पूरी ताकत झोंककर दोनों बच्चियों को ऊपर सुरक्षित किनारे की ओर धकेल दिया। बेटियां तो बच गईं, लेकिन सरिता खुद को नहीं बचा सकीं और गहरे पानी में समा गईं।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

चीखती-चिल्लाती बच्चियों ने भागकर गांव वालों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद सरिता का शव पानी से बाहर निकाला। घटना की जानकारी मिलते ही सतगावां थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल कोडरमा भेज दिया है।

पीछे छूट गया 6 बच्चों का परिवार

ग्रामीणों ने बताया कि सरिता देवी का मायका बजानियां और ससुराल धर्मपुर में है। फिलहाल वह लेम्बो में आवास योजना के तहत बने अपने नए घर में रह रही थीं। सरिता अपने पीछे पांच बेटियां और एक बेटा छोड़ गई हैं। घर की छत और ममता का साया एक साथ छिन जाने से मासूम बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।

इलाके में शोक की लहर

एक मां के इस सर्वोच्च बलिदान की चर्चा पूरे इलाके में है। असराइन डैम, जो रोजमर्रा के कामों के लिए इस्तेमाल होता है, आज एक परिवार की खुशियां निगल गया। इस घटना के बाद से पूरे माधोपुर पंचायत में मातम पसरा हुआ है।

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