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कोडरमा में आंगनबाड़ी सेविका से रेप के आरोपी को 14 साल की सजा, देना होगा 25 हजार जुर्माना

Published: Thu, 03 Sep 2026 05:46 PM (IST)

कोडरमा में आंगनबाड़ी सेविका से दुष्कर्म के मामले में अदालत ने दोषी संदीप सिंह को 14 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।

रेप के आरोपी को 14 साल की सजा (प्रतीकात्मक तस्वीर)

रेप के आरोपी को 14 साल की सजा (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. कोडरमा में आंगनबाड़ी सेविका से दुष्कर्म के दोषी को सजा।

  2. संदीप सिंह को 14 वर्ष सश्रम कारावास की सजा।

  3. अदालत ने 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

संवाद सहयोगी, कोडरमा। आंगनबाड़ी सेविका को डरा-धमकाकर उसके साथ जबरन दुष्कर्म करने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय राकेश चंद्रा की अदालत ने गुरुवार को  दोषी युवक को 14 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। 

अदालत ने आरोपी डुमरियाटांड़ निवासी 23 वर्षीय संदीप सिंह को संबंधित धारा के तहत दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई। साथ ही उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर उसे तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी।

वर्ष 2024 का है मामला 

घटना को लेकर कोडरमा थाना में थाना कांड संख्या 257/2024 दर्ज की गई थी। मामले का सत्रवाद-17/2025 के रूप में न्यायालय में विचाराधीन था। थाना में दिए आवेदन में पीड़िता ने बताया था कि वह अपने आंगनबाड़ी केंद्र से प्रतिदिन की तरह घर लौट रही थी।

इसी दौरान रास्ते में संदीप सिंह ने उसे डराया-धमकाया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता ने मामले की जानकारी पुलिस को दी, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की।

सभी गवाहों का कराया गया परीक्षण 

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह ने पैरवी की। अभियोजन की ओर से न्यायालय में सभी गवाहों का परीक्षण कराया गया और उपलब्ध साक्ष्यों को प्रस्तुत किया गया। लोक अभियोजक ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए अभियुक्त को अधिकतम सजा देने का आग्रह न्यायालय से किया।

वहीं, बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता मंटू सिंह ने अभियुक्त का पक्ष रखा और अदालत के समक्ष अपनी दलीलें पेश की। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने तथा गवाहों के बयान एवं उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अदालत ने संदीप सिंह को दोषी करार दिया। इसके बाद न्यायालय ने उसे 14 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई तथा 25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया।