कोडरमा बने टूरिज्म हब: 34 करोड़ लौटने के बाद भी जगी आस, ग्रेड-ए तिलैया डैम और ध्वजाधारी धाम से चमकेगी तकदीर
विश्व पर्यटन दिवसर आज: कोडरमा, जो कभी अपनी अभ्रक नगरी के रूप में जाना जाता था, अब अपने प्राकृतिक सौंदर्य ...और पढ़ें

अभ्रकनगरी की नई पहचान बन रहे पर्यटक स्थल, पहाड़, जंगल, झरनों के बीच रोमांच का सफर।
HighLights
कोडरमा प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक स्थलों से भरपूर पर्यटन स्थल।
तिलैया डैम ग्रेड-ए पर्यटन क्षेत्र, जलक्रीड़ा और रेस्टोरेंट बोट।
वृंदाहा जलप्रपात, ध्वजाधारी धाम प्रमुख आकर्षण, रोजगार की संभावना।
संवाद सूत्र, कोडरमा। माइका नगरी के रूप में देश-दुनिया में पहचान रखने वाला कोडरमा अब अपनी प्राकृतिक खूबसूरती और धार्मिक स्थलों के कारण भी अलग पहचान बनाने की क्षमता रखता है। घने जंगल, पहाड़, झरने, जलाशय और आस्था के केंद्र यहां आने वाले पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। तिलैया डैम, वृंदाहा जलप्रपात, पेट्रो फाल्स, ध्वजाधारी पहाड़ी और चंचला देवी मंदिर जिले के ऐसे प्रमुख स्थल हैं, जहां प्रकृति और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिलता है।
बेहतर सड़क एवं रेल संपर्क वाले जिले में यदि पर्यटक स्थलों की सुरक्षा, पेयजल, शौचालय, आवासन और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार सही तरीके से हो तो न केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित हो सकते हैं।
ग्रेड-ए का पर्यटन स्थल बना तिलैया डैम
राज्य स्तर पर ग्रेड-ए पर्यटन क्षेत्र के रूप में अधिसूचित तिलैया डैम जिले का प्रमुख पर्यटन केंद्र है। हरी-भरी वादियों और पहाड़ियों के बीच फैला जलाशय यहां आने वाले पर्यटकों को खास आकर्षण प्रदान करता है। प्रशासन की ओर से पर्यटकीय सुविधाओं के विस्तार की दिशा में कई प्रयास किए जा रहे हैं।
हाल के दिनों में डैम में पानी के बीच मनोरंजन के लिए रेस्टोरेंट बोट की सुविधा शुरू की गई है। इसके अलावा जलक्रीड़ा से जुड़ी कई गतिविधियां भी संचालित की जा रही हैं। फरवरी में तीन दिवसीय वाटर स्पोर्ट्स आयोजन की तैयारी भी की जा रही है। जिला स्तर से यहां कॉटेज निर्माण सहित अन्य पर्यटकीय सुविधाओं के प्रस्ताव भी भेजे गए हैं।
34 करोड़ का केंद्रीय फंड का नहीं हो सका उपयोग
तिलैया डैम के पर्यटकीय विकास और ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार से करीब 34 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई थी। हालांकि विभिन्न कारणों से निर्धारित अवधि में इस राशि का उपयोग नहीं हो सका और फंड वापस चला गया। लंबे समय तक विकास से संबंधित योजनाएं फाइलों में चलती रहीं। इससे तिलैया डैम में प्रस्तावित कई सुविधाओं को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया धरी की धरी रह गई।
ध्वजाधारी महोत्सव से बढ़ेगी संभावनाएं
ध्वजाधारी धाम जिले में आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां तीन दिवसीय राजकीय ध्वजाधारी महोत्सव आयोजित कराने को लेकर जिला स्तर से प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है। राज्य स्तरीय कमेटी से स्वीकृति मिलने के बाद आयोजन की तैयारी आगे बढ़ेगी। महोत्सव के आयोजन से ध्वजाधारी धाम को धार्मिक पहचान के साथ सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित करने की संभावना है।
वृंदाहा जलप्रपात की खूबसूरती अनुपम
कोडरमा के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों में वृंदाहा जलप्रपात विशेष आकर्षण रखता है। पहाड़ियों और हरियाली के बीच गिरता झरने का पानी पर्यटकों को आकर्षित करता है। जून से जनवरी तक यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। बारिश के मौसम में जलप्रपात का स्वरूप और भी मनोहारी हो जाता है। इसके अलावा पेट्रो फाल्स और जिले के अन्य प्राकृतिक स्थल भी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
रेल यात्रा भी बन सकती है पर्यटन का हिस्सा
कोडरमा की रेल यात्रा भी प्राकृतिक दृश्यों के कारण पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकती है। पहाड़ों के बीच बनी सुरंगें, जलाशयों पर बने बड़े पुल और जंगलों से होकर गुजरती रेलवे लाइन सफर को रोमांचक बनाती है।
कोडरमा-रांची रेल परियोजना और प्रस्तावित कोडरमा-तिलैया रेल परियोजना के पूरा होने के बाद इन प्राकृतिक दृश्यों को पर्यटन से जोड़ने की संभावनाएं और बढ़ सकती हैं।
