संवाद सूत्र, डोमचांच (कोडरमा): डोमचांच थाना क्षेत्र के चंचाल पहाड़ी के निकट पुलिस ने भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया गया है। पुलिस को शुक्रवार की रात शिबू वर्णवाल की पत्थर खदान के समीप दो मंजिला भवन के निचले कमरे में अवैध विस्फोटक भंडारण करने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही डोमचांच थाना प्रभारी शशिकांत कुमार, ढाब थाना प्रभारी सुनील पासवान एवं नवलशाही थाना प्रभारी इकबाल हुसैन ने संयुक्त रूप से छापेमारी की। छापेमारी के दौरान भवन से 162 पीस पावर जिलेटिन, तीन पीस डेटोनेटर, 5 बंडल डेटोनेटिग फ्यूज वायर एवं एक एक्सप्लोडर बरामद किया गया। वहीं मौके से महेशपुर निवासी ललेश कुमार मेहता को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार व्यक्ति ने बताया कि शिबू वर्णवाल के यहां वह काम करता है। बरामद सामान विस्फोट करने के बाद बचा हुआ है। इस संबंध में डोमचांच थाने में कांड संख्या 117/ 21 धारा 4/ 5 विस्फोटक अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है। छापेमारी टीम में थाना प्रभारी के अलावा एसआइ सतीश पांडेय, विकास पासवान व पुलिस के जवान शामिल थे। गौरतलब है कि हाल ही में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विस्फोटकों के इस्तेमाल को लेकर रांची में आला अधिकारियों के साथ बैठक की थी और खनन कार्य में इस्तेमाल होने वाले विस्फोटक नक्सलियों तक न पहुंचे, इसे लेकर दिशा-निर्देश भी दिया था। प्रतिदिन विस्फोट से थर्रा उठती है धरती

गौरतलब हो कि प्रतिदिन शाम में चंचाल पहाड़ी व परतांगों जंगल में धड़ल्ले से अवैध रूप से पत्थर खनन व ब्लास्टिग होता है। ब्लास्टिग इतना जबरदस्त कि धरती में कंपन महसूस होता है। इससे आम लोगों के साथ ही जंगली क्षेत्र में निवास करने वाले जंगली जानवरों को भी खतरा होने की संभावना बनी रहती है। इलाके में अवैध विस्फोटक का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होता है। इलाके में विस्फोटक के कई डीलर हैं जो इन खदानों में अवैध रूप से विस्फोटक की आपूर्ति करते हैं। गिने-चुने मामले में पुलिस इन तक पहुंच पाती है।

बगैर अनुज्ञप्ति के रखा गया था विस्फोटक

मामले में एसपी कुमार गौरव ने बताया कि विस्फोटक खरीदने से लेकर गोदाम में रखने और खदान में इस्तेमाल के बाद बचे हुए विस्फोटक को रखने के लिए अनुज्ञप्ति जरूरी है और बरामद विस्फोटक बगैर सूचना के रखा गया था। उन्होंने बताया कि विस्फोटक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी और पुलिस यह भी जानने में जुटी है कि किस परिस्थिति में विस्फोटक यहां छिपा कर रखा गया था। एसपी ने बताया कि विस्फोटक के कारोबार और इस्तेमाल की हर जानकारी प्रशासन को देना जरूरी है। लेकिन, इस मामले में ऐसा नहीं किया गया था।

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