खरीफ की बेहतर संभावना को देखते हुए कृषि कार्य में जुटे किसान

फोटो::8 संवाद सहयोगी, कोडरमा: मानसून का शानदार आगाज से इस बार किसानों के चेहरे पर खुशी है। जून माह में सामान्य बारिश 141.8 मिमी के विरुद्ध पिछले चार दिनों में 121.9 यानी 86 फीसद बारिश हो चुकी है। जबकि अभी कुछ दिन और बारिश की संभावना बनी हुई है। बारिश से खेत-खलियान भर चुका है। जलस्त्रोतों में भी पर्याप्त जल जमाव हो गया है। इससे खरीफ के जोरदार आच्छादन की संभावना बन रही है। ऐसे में कृषि विभाग किसानों को प्रोत्साहित कर बिचड़ा तैयार करने पर जोर दे रहा है। विभाग की ओर से प्रखंड एवं पंचायत स्तर के कर्मी किसानों को जागरूक कर रहे है। विभाग का प्रयास इस बार भी धान सहित खरीफ के रिकार्ड उत्पादन पर है। कोरोना संकट के कारण इस बार भी किसानों को तकनीकी जानकारी के लिए खरीफ कार्यशाला का आयोजन नहीं हो सका। लिहाजा किसानों को आन लाइन माध्यम से तकनीकी जानकारी दिया गया। इधर, मानसून के बेहतर आगाज से विभाग भी उत्साहित हैं। मई माह में भी जिले में सामान्य से 8 गुणा ज्यादा बारिश हुई थी। इस बार 41 हजार हेक्टेयर भूमि में धान सहित अन्य खरीफ फसलों के आच्छादन का लक्ष्य निर्धारित है। पिछले वर्ष लक्ष्य के विरूद्ध 98 फीसद धान का उत्पादन हुआ था, जिससे किसानों में इस वर्ष भी उत्साह है। ::::::::::::किसानों को लगातार किया जा रहा प्रेरित::::::::::

किसानों को प्रेरित करने के लिए आनलाइन मीटिग के साथ-साथ कृषि मित्रों के द्वारा भी अभियान चलाया जा रहा है। कृषि निरीक्षक नंदेश्वर दास के अनुसार प्रखंड स्तर अधिकारी व कर्मी लगातार किसानों से संपर्क साध कर बिचड़ा तैयार करने तथा खेतों में मेढ़ बनाकर पानी रोकने को कह रहें है। समय पर आच्छादन का बेहतर फायदा फसलों को मिलेगा। :::::::::::जिला को मिला 800 क्विटल धान बीज:::::::::::

किसानों को समय पर धान बीज मिलना शुरू हो गया है। जिला को 800 क्विटल धान बीच का आवंटन प्राप्त हुआ है, जो विभिन्न पैक्सों के माध्यम से 50 प्रतिशत अनुदान पर वितरण शुरू कर दी गई। कृषि निरीक्षक ने बताया कि प्रमाणीत बीज एमटीयू 10-10 एवं हाईब्रीड बीज किसानों को दी जा रही है। सभी किसानों को मिले यह प्रयास किया जा रहा है। साथ ही बीज वितरण में पारदर्शिता के लिए टोकन सिस्टम बहाल किये गए हैं। ::::::::::17 हजार हेक्टेयर में धान आच्छादन का है लक्ष्य:::::::::::

इस बार 17 हजार हेक्टेयर में धान आच्छादन का लक्ष्य है। वहीं मक्का, ज्वार, बाजरा सहित मोटा अनाज 725 हेक्टेयर में, उरद, मूंग, अरहर सहित दलहनी फसल 13700 हेक्टेयर में, तथा मूंगफली, तिल, सोयाबीन सहित तेलहनी फसल 1740 हेक्टेयर में आच्छादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हालांकि पिछले बार भी किसान तेलहनी फसल को लेकर विशेष रूचि नहीं दिखाया। मात्र 51 फीसद भूमि में भी तेलहनी फसल का आच्छादन हो पाया था, जबकि लक्ष्य के 77 फीसद भूमि में दलहनी फसल का आच्छादन हुआ था।

Edited By: Jagran