संवाद सहयोगी, कोडरमा: बिरसा सांस्कृतिक भवन कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन फाउडेशन के सौजन्य से सुरक्षित बचपन-सुरक्षित कोडरमा के लिए जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद उपायुक्त रमेश घोलप ने कहा हम सबके प्रेरणा स्त्रोत और भारत के गौरव कैलाश सत्यार्थी जी ने जो मुहिम शुरू की है, उसे जन आंदोलन बनाने की जरूरत है। इसमें सरकार, समाज, पंचायत, प्रशासन सबको पूरी ताकत से जुड़ना होगा। यह लड़ाई सोच बदलने की लड़ाई है, जो बच्चों से लेकर उनके माता पिता और पूरे समाज की सोच को बदलेगी। बाल पंचायत के बच्चों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मैं उन बच्चों को सलाम करता हूं, जो खुद बच्चे होते हुए भी बचपन बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों से कमाई करने की अपेक्षा अभिभावक न रखे। अभिभावकों के आर्थिक हालात अगर खराब है तो उसके लिए सार्थक कदम उठाने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि कुछ पैसों के लिए अपने बच्चे का भविष्य अंधकार न बनाये। माता-पिता से समाज तक के लोगों को इस प्रकार के सोच को बदलना होगा। जिला परिषद की प्रधान शालिनी गुप्ता ने कहा की बाल व्यापार को रोकने और सुरक्षित पलायन सुनिश्चित करने के लिए पंचायत स्तर पर ग्राम सतरीय पलायन पंजीकरण होना चहिए। कहा की बाल मित्र ग्राम कार्यक्रम को और ज्यादा मजबूत बनाने और विस्तारित करने की जरूरत है। इस मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी मनीष कुमार, गोपनीय प्रभारी जयपाल सोय, बचपन बचाओ आंदोलन के राज्य समन्यवक मुक्तारुल हक, कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन्स फाउंडेशन के डायरेक्टर ओमप्रकाश पाल आदि मौजूद थे।

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