संवाद सहयोगी, कोडरमा: कोडरमा पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर लकी ड्रॉ कूपन के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से भारी मात्रा में ठगी करने वाले स्क्रैच कूपन, पंपलेट सहित अन्य कागजात बरामद किए गए हैं। ये सभी बिहार के हैं।

कोडरमा थाने में एक प्रेसवार्ता आयोजित कर पुलिस अधीक्षक डॉ एम तमिल वाणन ने यह जानकारी दी। बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों में विवेक कुमार, पिता राम अनुग्रह सिंह (25), गौतम कुमार, पिता लखन पांडेय (21), गोसारवा, गिरियक, बिहार, नरेश प्रसाद, पिता स्व. रामोतार राउत (50), कतरीसराय व मुकेश कुमार, पिता बिगन यादव (20), कल्याणपुर, दीपनगर, नालंदा, बिहार के रहने वाले हैं। ये सभी 15 हजार की सैलरी व कमीशन पर काम करते थे। एसपी ने कहा कि गिरोह का मुख्य सरगना सहित 10-11 ठग अभी पुलिस के गिरफ्त से बाहर हैं, जिसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गुप्त सूचना पर छापेमारी

एसपी ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि कोडरमा थाना क्षेत्र अंतर्गत दूधीमाटी स्थित बैंक मैनेजर सुनील कुमार के घर में चार पांच लोग किराए पर रह रहे हैं, जो स्नैपडील, शॉपक्लोज व ऑनलाइन शॉपिग वेबसाइट के नाम पर अवैध रूप से जाली लकी ड्रॉ कॉन्टेस्ट विनर सर्टिफिकेट एंव स्क्रैच एंड विन कूपन के नाम पर इनाम की लालच देकर पैसे की ठगी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही एसडीपीओ राजेन्द्र प्रसाद के नेतृत्व में टीम गठित कर अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की गई। छापेमारी में स्नैपडील, शॉपक्लूज व ऑनलाइन शॉपिग के जाली लकी ड्रॉ कॉन्टेस्ट विनर सर्टिफिकेट 1900 पीस, स्क्रैच एंड विन कूपन 6700 पीस, रंगीन लकी ड्रॉ कॉन्टेस्ट विनर सर्टिफिकेट 5200 पीस, लिफाफा 140 पीस, सील मोहर 4 पीस, देश के विभिन्न राज्यों के ग्राहकों के नाम व पता लिखा लिफाफा 428 पीस, पांच रुपये के स्टांप 1020 पीस, विभिन्न बैंक के एटीएम 4 पीस, ठगी के शिकार हुए ग्राहकों का बैंक खाता संख्या एवं ठगी गई राशि लिखा हुआ रजिस्टर 11 पीस, 9 मोबाइल व 7 सीम बरामद किया। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इस गिरोह में 10-11 लोग और भी शामिल हैं। ठगी की गई राशि की रिकवरी के लिए प्रयास किया जा रहा है। नवंबर 2018 से जमाया था डेरा

एसपी ने बताया कि ये गिरोह नवंबर 2018 से कोडरमा में रह कर देश के विभिन्न राज्यों के लोगों के साथ वेबसाइट-स्क्रैच कूपन के माध्यम से ठगी कर रहा था। स्क्रैच करने पर 10-22 लाख तक लकी ड्रॉ निकलता था, तत्पश्चात ये लोग उन्हें अपने एकाउंट में जीएसटी प्लस प्रोसेसिग चार्ज देने की कहा करते थे। उन्होंने बताया कि ग्राहक को लकी ड्रा में निकलने वाले रकम का 3 प्रतिशत भुगतान करना पड़ता था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एक केरल के डॉ जय श्री हैं, जिनका लकी ड्रॉ में 22 लाख निकला था, उसने 7 लाख का भुगतान किया है। 600 लोगों से कर चुके हैं ठगी

एसपी के अनुसार यह गिरोह देश के विभिन्न राज्यों के करीब 600 लोगों को यह गिरोह ठग चुका है। हर ग्राहक से कम से कम 50 हजार की ठगी की है। वहीं जो मोबाइल बरामद किया गया है इस मोबाइल के व्हाट्सएप ग्रुप में करीब 500 लोग जो इनके झांसा में आकर रुपए जमा किए हैं, उनसे चैटिग की गई है। पता कोलकाता का, ठगी कोडरमा से

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि ये गिरोह इतने शातिर हैं कि कोडरमा के एक मकान में किराए पर रह कर देश के विभिन्न क्षेत्र के लोगों से ठगी कर रहे थे। पर लिफाफा व मोहर में कोलकाता का पता दिया है। ये कोडरमा में सारी तैयारी कर कोलकाता जाकर पोस्ट किया करते थे, ताकि लोगों को यकीन हो कि कोलकाता में स्नैपडील, शॉपक्लोज व ऑनलाइन शॉपिग वेबसाइट का पता जो दिया गया है, वह सही है। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने उत्तरी भारत के हिदी भाषी के साथ केरल, असम, आंध्रप्रदेश, बंगाल, बिहार सहित अन्य राज्यों के करीब लोगों को ज्यादा ठगने का काम किया है।

छापेमारी दल में ये थे शामिल

कोडरमा थाना प्रभारी रामनारायण ठाकुर, एसआई एलबी प्रसाद, एसआई सुनील कुमार दास, टेक्निकल सेल के आशुतोष पासवान, कुणाल सिंह, पैंथर मो अली, राकेश, धर्मेन्द्र के अलावा पुलिस के जवान शामिल थे।

Posted By: Jagran

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